तेजस्वी यादव का आरोप: सीएम सम्राट चौधरी केवल गुजराती भाइयों के इशारों पर चलते हैं
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी को महिला आरक्षण बिल के विषय में कोई समझ नहीं आई है। जब उन्हें समझ नहीं आएगा, तो स्वाभाविक है कि जो गुजराती भाई कहेंगे, वही सीएम करेंगे।
तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम सम्राट चौधरी से यह पूछा जाना चाहिए कि यह बिल तो तीन साल पहले ही पारित हो चुका है। इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे नेता बन गए हैं, लेकिन वे क्या करेंगे? वे वही करेंगे जो गुजराती भाई कहेंगे। उन्हें चलाने के लिए दिल्ली पीएमओ से लोग आ रहे हैं। अब उनके प्रधान सचिव भी पीएमओ से ही आएंगे।
उन्होंने कहा कि हमने बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को सबसे अधिक टिकट दिए हैं। इस विषय पर हमें चर्चा करनी चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि भाजपा वाले किस पर विश्वास करते हैं? वे तो ‘मनुस्मृति’ पर विश्वास करते हैं। आप सभी जानते हैं कि ‘मनुस्मृति’ में महिलाओं का क्या स्थान है?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह बिल तीन साल पहले पारित हो गया था, लेकिन इसे अब सीटों को सीमित करने की योजना के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे तो सीटों की संख्या बढ़ाने की बात कर रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी मर्जी से सीटों की संख्या कम कर दी। जहां विपक्ष मजबूत है, वहां उन्होंने सीटों की संख्या चार गुना तक कम कर दी। हम इस बात को अच्छी तरह समझते हैं।
महिला आरक्षण बिल पर तेजस्वी ने कहा कि भला महिलाओं का विरोध कौन करेगा? हम तो कहते हैं कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, लेकिन इसमें ओबीसी महिलाओं को भी जगह मिलनी चाहिए। उन्हें भी उनका हक मिलना चाहिए। न केवल शहरों में रहने वाली महिलाएं, बल्कि गांवों में रहने वाली महिलाओं को भी संसद जाना चाहिए। ऐसा कोई बिल लाओ।
तेजस्वी ने राजद की तारीफ करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में राजद ने बिहार में सबसे अधिक 29 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया। राजद की 25 प्रतिशत लोकसभा सांसद महिलाएं हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी राजद ने ही सबसे अधिक 17 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया था। बिहार विधान परिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 21.4 प्रतिशत राजद का है। अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी राजद से ही है।
दूसरी ओर, महिला विरोधी सरकार ने तो आज तक 75 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बनाया है।