10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या तेलंगाना में दो और कफ सिरप पर बैन हुआ है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या तेलंगाना में दो और कफ सिरप पर बैन हुआ है?

सारांश

तेलंगाना में दो कफ सिरप पर बैन का निर्णय लिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई है जब हाल ही में बच्चों की मौतें हुईं। जानिए इस मामले में क्या कहा गया है और लोगों को क्या सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

तेलंगाना में दो कफ सिरप पर बैन डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है लोगों को सिरप का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह औषधि नियंत्रण प्रशासन ने सुरक्षा कदम उठाए हैं सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा आवश्यक है

हैदराबाद, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने बुधवार को दो और कफ सिरप पर पूर्ण रोक (सार्वजनिक चेतावनी) संबंधी नोटिस जारी किया है। इन दोनों में विषाक्त पदार्थ डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मिलावट पाई गई है।

लोगों को रिलाइफ और रेस्पिफ्रेश टीआर सिरप का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह दी गई है।

यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौतों के चार दिन बाद उठाया गया है।

औषधि नियंत्रण प्रशासन ने रिलाइफ (एम्ब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थॉल सिरप) के लिए 'स्टॉप यूज' नोटिस जारी किया है; बैच संख्या एलएसएल25160; समाप्ति तिथि 12/2026 और शेप फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात द्वारा निर्मित।

दूसरा कफ सिरप रेस्पिफ्रेश टीआर (ब्रोमहेक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, टरब्यूटेलिन सल्फेट, गुआइफेनेसिन और मेन्थॉल सिरप) है; बैच संख्या आरओ1जीएल2523; समाप्ति तिथि 12/2026 और रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात द्वारा निर्मित।

औषधि नियंत्रण प्रशासन के महानिदेशक, शाहनवाज कासिम ने लोगों को सलाह दी है कि यदि उनके पास ये दोनों कफ सिरप हैं, तो इनका सेवन तुरंत बंद कर दें और बिना देर किए निकटतम औषधि नियंत्रण प्राधिकरण को इसकी जानकारी दें।

आम जनता भी इन उत्पादों के बारे में सूचना सीधे औषधि नियंत्रण प्रशासन, तेलंगाना को टोल-फ्री नंबर 1800-599-6969 पर दे सकती है, जो सभी कार्य दिवसों में सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक उपलब्ध है।

सभी औषधि निरीक्षण और सहायक निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि वे खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों को तुरंत सूचित करें कि वे उपरोक्त उत्पाद बैचों के किसी भी स्टॉक को फ्रीज कर दें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में इन्हें वितरित या बेचा न जाए।

शाहनवाज कासिम ने कहा, "तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने आवश्यक प्रवर्तन उपाय शुरू कर दिए हैं और पब्लिक हेल्थ को किसी भी खतरे से बचाने के लिए स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है।"

उन्होंने कहा कि जनता से अत्यधिक सावधानी बरतने और डायथिलीन ग्लाइकॉल विषाक्तता से जुड़े किसी भी संभावित स्वास्थ्य खतरे से बचने के लिए उपरोक्त उत्पादों के उपयोग से बचने का आग्रह किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। यह कार्रवाई न केवल तेलंगाना, बल्कि पूरे देश में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का एक प्रयास है। हमें हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम जिन उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं, वे सुरक्षित और प्रभावी हों।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कफ सिरप पर बैन क्यों लगाया गया है?
कफ सिरप पर बैन इसलिए लगाया गया है क्योंकि इनमें विषाक्त पदार्थ डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट पाई गई है।
बैन किए गए कफ सिरप के नाम क्या हैं?
बैन किए गए कफ सिरप के नाम रिलाइफ और रेस्पिफ्रेश टीआर हैं।
लोगों को क्या करने की सलाह दी गई है?
लोगों को सलाह दी गई है कि वे इन सिरपों का उपयोग तुरंत बंद कर दें और निकटतम औषधि नियंत्रण प्राधिकरण को सूचित करें।
बैन किए गए सिरप की निर्माण कंपनियाँ कौन सी हैं?
शेप फार्मा प्राइवेट लिमिटेड और रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड इन सिरपों को निर्मित करती हैं।
जनता इस बारे में कैसे सूचित कर सकती है?
जनता टोल-फ्री नंबर 1800-599-6969 पर सूचना दे सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले