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मंचेरियल: सरकारी अस्पताल की लापरवाही, बेटा बीमार माँ को व्हीलचेयर पर 2 किमी धकेलकर विधायक के घर पहुँचा

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मंचेरियल: सरकारी अस्पताल की लापरवाही, बेटा बीमार माँ को व्हीलचेयर पर 2 किमी धकेलकर विधायक के घर पहुँचा

सारांश

पाँच घंटे की प्रतीक्षा, बेड नहीं, रेफरल से इनकार — मंचेरियल के राज कुमार के पास एक ही रास्ता बचा: रात में बीमार माँ को व्हीलचेयर पर 2 किमी धकेलते हुए विधायक के दरवाजे तक पहुँचना। तेलंगाना में सरकारी स्वास्थ्य सेवा की जवाबदेही पर यह घटना तीखा सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

राज कुमार ने अपनी 55 वर्षीय माँ बुकिया बुज्जी को मंगलवार रात व्हीलचेयर पर 2 किलोमीटर धकेलकर मंचेरियल विधायक के.
प्रेमसागर राव के घर पहुँचाया।
आरोप है कि मंचेरियल जिला सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने माँ को 5 घंटे तक व्हीलचेयर पर प्रतीक्षा में छोड़ा, न बेड दिया, न उपचार।
करीमनगर रेफरल की माँग पर भी कथित तौर पर इनकार किया गया और निजी अस्पताल जाने को कहा गया।
जिला अस्पताल के आरएमओ ने मौके पर पहुँचकर आश्वासन दिया; महिला को वापस अस्पताल ले जाया गया और बेड दिया गया।
अधिकारियों ने लापरवाही की जाँच का भरोसा दिलाया है।

तेलंगाना के मंचेरियल जिले में मंगलवार रात एक युवक अपनी 55 वर्षीय किडनी रोगी माँ को व्हीलचेयर पर दो किलोमीटर धकेलते हुए सीधे स्थानीय विधायक के आवास पर पहुँच गया। राज कुमार नाम के इस युवक का आरोप है कि मंचेरियल जिला सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने उसकी माँ को पाँच घंटे तक व्हीलचेयर पर ही प्रतीक्षा में छोड़ दिया और कोई उपचार नहीं किया। यह घटना तेलंगाना में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर नए सवाल खड़े करती है।

क्या हुआ उस रात

मंडामर्री मंडल के पुलिमडुगु गाँव की निवासी बुकिया बुज्जी किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनका बेटा राज कुमार उन्हें इलाज के लिए मंचेरियल के जिला सरकारी अस्पताल लेकर आया था। राज कुमार के अनुसार, अस्पताल पहुँचने के बाद से उन्होंने बार-बार स्टाफ से माँ के लिए बेड और उपचार की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पाँच घंटे की प्रतीक्षा के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो राज कुमार ने अस्पताल प्रशासन से कम-से-कम माँ को करीमनगर के अस्पताल रेफर करने की माँग की। उसके अनुसार, इस पर भी मना कर दिया गया और कथित तौर पर कहा गया कि वह अपनी माँ को किसी निजी अस्पताल ले जाए।

विधायक के घर तक का सफर

राज कुमार ने बताया कि जब सभी रास्ते बंद लगे, तो उसने व्हीलचेयर पर माँ को रात में दो किलोमीटर धकेलकर मंचेरियल विधायक के. प्रेमसागर राव के आवास तक पहुँचाने का फैसला किया। उसका उद्देश्य था कि विधायक हस्तक्षेप करें और माँ को तत्काल चिकित्सा मिल सके। यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए भी चौंकाने वाला था — एक बेटा रात के अँधेरे में बीमार माँ की व्हीलचेयर सड़क पर धकेलता हुआ।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) तुरंत विधायक आवास पहुँचे और माँ-बेटे को उचित चिकित्सा देखभाल का आश्वासन दिया। इसके बाद बुकिया बुज्जी को वापस जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बेड की व्यवस्था की गई और उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने देखभाल में हुई लापरवाही की जाँच कराने का भी भरोसा दिया है।

आम जनता पर असर और व्यापक सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सहित देशभर में सरकारी अस्पतालों में स्टाफिंग और जवाबदेही को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि यह पहली ऐसी घटना नहीं है जब किसी मरीज के परिजन को अस्पताल की उदासीनता के खिलाफ इस तरह का असाधारण कदम उठाना पड़ा हो। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के गरीब मरीज अक्सर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर ही निर्भर रहते हैं, और ऐसी लापरवाही उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

अधिकारियों की जाँच के वादे के बाद अब सवाल यह है कि क्या यह मामला केवल एक व्यक्तिगत शिकायत तक सीमित रहेगा, या इसे व्यापक सुधार की शुरुआत के रूप में देखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो ये स्वास्थ्य सेवा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे 'मार्मिक कहानी' तक सीमित कर देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या आरएमओ की तात्कालिक प्रतिक्रिया और जाँच के वादे वास्तव में किसी जवाबदेही में बदलेंगे, या अगली बार फिर कोई बेटा अपनी माँ को सड़क पर धकेलता नज़र आएगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंचेरियल में व्हीलचेयर विधायक वाली घटना क्या है?
तेलंगाना के मंचेरियल जिले में राज कुमार नाम के युवक ने अपनी किडनी रोगी माँ बुकिया बुज्जी को सरकारी अस्पताल में 5 घंटे इंतजार के बाद कोई उपचार न मिलने पर व्हीलचेयर पर 2 किलोमीटर धकेलकर विधायक के. प्रेमसागर राव के घर पहुँचाया। यह घटना मंगलवार रात हुई।
राज कुमार ने विधायक के घर जाने का फैसला क्यों किया?
राज कुमार के अनुसार, अस्पताल स्टाफ ने 5 घंटे तक उनकी माँ को व्हीलचेयर पर इंतजार कराया, न बेड दिया, न उपचार शुरू किया। करीमनगर रेफरल की माँग पर भी कथित तौर पर इनकार किया गया। उसके पास विधायक से हस्तक्षेप करवाने के लिए यही एकमात्र रास्ता बचा था।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने क्या किया?
मामले की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) तुरंत विधायक आवास पहुँचे और उचित देखभाल का आश्वासन दिया। महिला को वापस अस्पताल ले जाया गया, बेड दिया गया, और उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने लापरवाही की जाँच का भी भरोसा दिलाया है।
बुकिया बुज्जी कहाँ की रहने वाली हैं और उनकी बीमारी क्या है?
बुकिया बुज्जी मंडामर्री मंडल के पुलिमडुगु गाँव की रहने वाली हैं और किडनी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं। वह इलाज के लिए अपने बेटे के साथ मंचेरियल जिला सरकारी अस्पताल आई थीं।
क्या इस मामले में विधायक ने कोई कार्रवाई की?
रिपोर्टों के अनुसार राज कुमार के विधायक के. प्रेमसागर राव के घर पहुँचने के बाद जिला अस्पताल के आरएमओ स्वयं मौके पर आए और तत्काल उपचार सुनिश्चित किया। विधायक के हस्तक्षेप का सीधा विवरण अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक प्रतिक्रिया तेज़ रही।
राष्ट्र प्रेस
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