तेलंगाना: कांग्रेस नेता टी. जीवन रेड्डी का इस्तीफा, बेइज्जती से थे परेशान
सारांश
Key Takeaways
- टी. जीवन रेड्डी ने कांग्रेस से 42 साल बाद इस्तीफा दिया।
- उनका इस्तीफा बेइज्जती और दलबदलू विधायकों के कारण है।
- उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की निंदा की।
- कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके।
- इस इस्तीफे का प्रभाव कांग्रेस की छवि पर पड़ेगा।
हैदराबाद, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के अनुभवी नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय तक बिना किसी स्वार्थ के काम करने के बावजूद बेइज्जती झेलने के कारण उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा।
जगतियाल शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की, जिससे उनके कांग्रेस के साथ 42 साल का रिश्ता समाप्त हो गया। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने एआईसीसी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेज दिया।
जीवन रेड्डी ने अपने समर्थकों से कहा कि बेइज्जती सहन करने के बाद उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से अलग हुए 10 विधायकों को बढ़ावा दिया है। उनका कहना है कि पार्टी के वफादार नेताओं और कैडर को नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और पार्टी के अन्य नेताओं की निंदा की। उनका कहना था कि रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री बने हैं क्योंकि पार्टी के कैडर ने कड़ी मेहनत की। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 में एक पत्र लिखा था, जिसमें पार्टी की समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्हें हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने अपने समर्थक गंगा रेड्डी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित के परिवार को सांत्वना देने की भी कोशिश नहीं की। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। हालांकि, उन्होंने अपने आगे के कदमों के बारे में कुछ नहीं बताया।
जीवन रेड्डी ने रविवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उन्होंने इस फैसले के लिए पार्टी के मामलों में ‘दलबदलू’ विधायकों की बढ़ती दखलअंदाजी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि तेलंगाना में दलबदल का असर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की छवि को खराब करेगा।
उन्होंने कहा कि इज्जत सबसे महत्वपूर्ण है और इसके बिना राजनीति में बने रहना बेमानी है। जीवन रेड्डी ने जगतियाल विधायक एम. संजय कुमार पर आरोप लगाया कि वे जिले में वफादार कांग्रेस कैडर के हितों को कमजोर कर रहे हैं।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और अन्य नेताओं ने मंगलवार को जगतियाल में जीवन रेड्डी से मुलाकात की थी, ताकि उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाया जा सके। महेश कुमार गौड़ ने कहा था कि जीवन रेड्डी का लंबा राजनीतिक करियर है और टीपीसीसी तथा एआईसीसी उन्हें जाने नहीं दे सकते।
उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के कुछ फैसलों से जीवन रेड्डी को चोट पहुंची है। रविवार को कांग्रेस कैडर को लिखे एक खुले पत्र में जीवन रेड्डी ने कहा कि बेइज्जती और मानसिक तनाव के बीच कांग्रेस पार्टी में बने रहना बर्दाश्त से बाहर हो गया है। जीवन रेड्डी का संजय कुमार के साथ कड़ा मुकाबला चल रहा है, जो बीआरएस के उन 10 विधायकों में से एक हैं जिन्होंने 2024 में कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया था।
वर्ष 2003 के चुनाव में जीवन रेड्डी जगतियाल सीट पर संजय कुमार से हार गए थे। संजय कुमार को पार्टी में शामिल करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व की खुलकर आलोचना की गई। तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष ने सभी 10 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज कर दी है।