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फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, फर्जी पिज्जा ऑर्डर से बिछाया गया जाल

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फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, फर्जी पिज्जा ऑर्डर से बिछाया गया जाल

सारांश

तेलंगाना के अंशुल कुंचा की फिलाडेल्फिया में पिज्जा डिलीवरी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि फर्जी ऑर्डर से जाल बिछाया गया था। कोई चोरी नहीं हुई, हत्या का मकसद अब भी रहस्य बना हुआ है।

मुख्य बातें

अंशुल कुंचा (28 वर्ष) , तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के निवासी, की फिलाडेल्फिया, पेंसिल्वेनिया में गोली मारकर हत्या।
घटना पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी के दौरान हुई; परिवार का आरोप — ऑर्डर फर्जी था और जाल बिछाया गया था।
घटनास्थल से कोई सामान चोरी नहीं हुआ, जिससे हत्या के मकसद पर सवाल उठ रहे हैं।
अंशुल 2023 में एमबीए की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था; वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में भी कार्यरत था।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने परिवार और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क की पुष्टि की; शव भारत लाने की प्रक्रिया जारी।

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के फिलाडेल्फिया शहर में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार के अनुसार, 7 जून 2026 को हुई इस घटना में अंशुल को एक सुनसान स्थान पर पिज्जा डिलीवरी के लिए बुलाया गया था, जो कथित तौर पर एक फर्जी ऑर्डर था। अंशुल तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली का निवासी था।

घटना का विवरण

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, अंशुल एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता था और अतिरिक्त आय के लिए वीकेंड पर पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी का काम भी करता था। उस रात उसे एक सुनसान जगह पर डिलीवरी का ऑर्डर मिला। जब वह वहाँ पहुँचा, तो दो अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों ने उसके सिर में कई गोलियाँ दागीं और मौके से फरार हो गए। अंशुल की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

हत्या के पीछे रहस्य

जाँच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटनास्थल से कोई भी सामान चोरी नहीं हुआ, जिससे डकैती के मकसद की संभावना कमज़ोर पड़ती है। परिवार को मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के वक्त आसपास दो नकाबपोश व्यक्ति बैग लेकर घूमते देखे गए थे। परिवार का आरोप है कि यह पिज्जा ऑर्डर अंशुल को जाल में फँसाने के लिए बिछाया गया था।

परिवार की पीड़ा और आरोप

अंशुल की बहन तान्वी ने कहा, 'उसे एक सुनसान जगह पर पिज्जा डिलीवर करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन बाद में हमें पता चला कि यह एक फर्जी ऑर्डर था। वहाँ कोई नहीं था — यह उसे मारने के लिए बिछाया गया जाल था। हमें नहीं पता कि उनका मकसद क्या था।' परिवार ने यह भी बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूट का शिकार हो चुका था, जिसमें उसका फोन, चेन और नकदी छीन ली गई थी।

सरकार और दूतावास की प्रतिक्रिया

न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों और परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता दी जा रही है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम फिलाडेल्फिया में भारतीय नागरिक अंशुल कुंचा के निधन से बेहद दुखी हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएँ उनके परिवार के साथ हैं।' परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए।

अगले कदम

बताया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारी संभवतः सोमवार तक शव परिवार को सौंप सकते हैं, लेकिन परिवार चाहता है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो। अंशुल 2023 में एमबीए की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। फिलाडेल्फिया पुलिस की जाँच जारी है और अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अमेरिका में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर व्यापक संवाद की पहल करनी चाहिए।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंशुल कुंचा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
अंशुल कुंचा तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के 28 वर्षीय युवक थे, जो अमेरिका के फिलाडेल्फिया में एमबीए कर रहे थे और एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी के दौरान दो अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों ने उनके सिर में कई गोलियाँ मारीं और मौके से फरार हो गए।
क्या पिज्जा ऑर्डर वाकई फर्जी था?
परिवार का आरोप है कि यह ऑर्डर अंशुल को सुनसान जगह पर बुलाने के लिए एक जाल था। घटनास्थल पर कोई ग्राहक नहीं मिला और कोई सामान भी चोरी नहीं हुआ, जिससे परिवार की आशंका को बल मिलता है। हालाँकि अमेरिकी जाँच एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
भारतीय दूतावास ने क्या कदम उठाए हैं?
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पुष्टि की है कि वह स्थानीय अधिकारियों और अंशुल के परिवार के संपर्क में है। दूतावास ने शव को जल्द भारत लाने में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
अंशुल का शव भारत कब लाया जाएगा?
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी अधिकारी संभवतः सोमवार तक शव परिवार को सौंप सकते हैं। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।
क्या अंशुल पहले भी किसी हमले का शिकार हुए थे?
हाँ, परिवार के अनुसार अंशुल इससे पहले भी अमेरिका में एक लूट की घटना का शिकार हो चुके थे, जिसमें उनका फोन, चेन और नकदी छीन ली गई थी। इस पृष्ठभूमि में परिवार की चिंता और भी गहरी हो गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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