फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, फर्जी पिज्जा ऑर्डर से बिछाया गया जाल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के फिलाडेल्फिया शहर में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार के अनुसार, 7 जून 2026 को हुई इस घटना में अंशुल को एक सुनसान स्थान पर पिज्जा डिलीवरी के लिए बुलाया गया था, जो कथित तौर पर एक फर्जी ऑर्डर था। अंशुल तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली का निवासी था।
घटना का विवरण
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, अंशुल एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता था और अतिरिक्त आय के लिए वीकेंड पर पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी का काम भी करता था। उस रात उसे एक सुनसान जगह पर डिलीवरी का ऑर्डर मिला। जब वह वहाँ पहुँचा, तो दो अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों ने उसके सिर में कई गोलियाँ दागीं और मौके से फरार हो गए। अंशुल की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हत्या के पीछे रहस्य
जाँच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटनास्थल से कोई भी सामान चोरी नहीं हुआ, जिससे डकैती के मकसद की संभावना कमज़ोर पड़ती है। परिवार को मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के वक्त आसपास दो नकाबपोश व्यक्ति बैग लेकर घूमते देखे गए थे। परिवार का आरोप है कि यह पिज्जा ऑर्डर अंशुल को जाल में फँसाने के लिए बिछाया गया था।
परिवार की पीड़ा और आरोप
अंशुल की बहन तान्वी ने कहा, 'उसे एक सुनसान जगह पर पिज्जा डिलीवर करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन बाद में हमें पता चला कि यह एक फर्जी ऑर्डर था। वहाँ कोई नहीं था — यह उसे मारने के लिए बिछाया गया जाल था। हमें नहीं पता कि उनका मकसद क्या था।' परिवार ने यह भी बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में लूट का शिकार हो चुका था, जिसमें उसका फोन, चेन और नकदी छीन ली गई थी।
सरकार और दूतावास की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों और परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता दी जा रही है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम फिलाडेल्फिया में भारतीय नागरिक अंशुल कुंचा के निधन से बेहद दुखी हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएँ उनके परिवार के साथ हैं।' परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए।
अगले कदम
बताया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारी संभवतः सोमवार तक शव परिवार को सौंप सकते हैं, लेकिन परिवार चाहता है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो। अंशुल 2023 में एमबीए की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। फिलाडेल्फिया पुलिस की जाँच जारी है और अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।