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अमेरिका में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से शव भारत लाने की अपील की

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अमेरिका में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से शव भारत लाने की अपील की

सारांश

तेलंगाना के अंशुल कुंचा — ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और एक जापानी MNC कर्मचारी — की अमेरिका में पिज्जा डिलीवरी के दौरान पीछे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से शव जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है।

मुख्य बातें

अंशुल कुंचा , तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के निवासी, की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हत्या उस समय हुई जब वह एक गलत अपार्टमेंट में पिज्जा डिलीवर करके अपनी गाड़ी की ओर लौट रहे थे — सिर में पीछे से गोली मारी गई।
अंशुल ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर्स कर चुके थे और जापानी कंपनी KWE में फुल-टाइम कार्यरत थे।
बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से अपील की कि शव गुरुवार या शुक्रवार तक भारत लाया जाए।
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मामले की जाँच जारी है; भारतीय दूतावास की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

अमेरिका में तेलंगाना के युवक अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 7 जून 2026 को उनकी बहन तन्वी कुंचा ने मीडिया से बातचीत में भारत के विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया कि उनके भाई का शव जल्द से जल्द भारत लाकर परिवार को सौंपा जाए। अंशुल मेडचल मल्काजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली के निवासी थे।

कैसे हुई हत्या

तन्वी ने बताया कि अंशुल को एक गलत अपार्टमेंट में बुलाया गया था, जो एक खाली घर था। जब वह पिज्जा डिलीवर करके अपनी गाड़ी की ओर वापस लौट रहे थे, तब उनके सिर में पीछे से गोली मार दी गई। तन्वी के शब्दों में, "मुझे सच में नहीं पता। हम जानते हैं कि उन्हें एक गलत अपार्टमेंट में बुलाया गया था। वह एक खाली घर था। जब वह पिज्जा डिलीवर करके अपनी गाड़ी की ओर वापस जा रहे थे तो उनके सिर में पीछे से गोली मार दी गई।"

अंशुल की पहचान और पृष्ठभूमि

तन्वी ने स्पष्ट किया कि उनके भाई की पहचान केवल एक डिलीवरी बॉय के रूप में नहीं होनी चाहिए। अंशुल ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWE नाम की एक जापानी मल्टीनेशनल कंपनी में फुल-टाइम नौकरी भी मिल गई थी।

मास्टर्स के दौरान उन्होंने अतिरिक्त आमदनी के लिए एक पिज्जा शॉप में पार्ट-टाइम काम किया था — वह भी केवल जरूरत पड़ने पर। वीकेंड पर वह दो या तीन डिलीवरी शिफ्ट लेते थे। परिवार के अनुसार, वह एक खुशमिजाज और सबसे प्यारे स्वभाव के इंसान थे।

परिवार की विदेश मंत्रालय से अपील

तन्वी ने कहा, "विदेश मंत्रालय से मेरी बस यही अपील है कि मुझे मेरे भाई की बॉडी जल्द से जल्द वापस मिल जाए। शुरू में हमें सोमवार या मंगलवार तक शव मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब गुरुवार या शुक्रवार का अंदाजा मिल रहा है। हम उसका शव इतने लंबे समय तक वहाँ नहीं रखना चाहते।"

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी भारतीय मूल के युवक को अमेरिका में इस तरह की हिंसा का शिकार होना पड़ा हो।

आगे क्या होगा

फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मामले की जाँच जारी है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी हस्तक्षेप से अंशुल का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाएगा और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीतिगत प्रतिक्रिया हमेशा प्रतिक्रियात्मक रहती है, न कि निवारक। विदेश मंत्रालय के पास शव वापसी से परे भी जवाबदेही का दायित्व है — उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि अमेरिकी जाँच एजेंसियाँ इस मामले को उसी गंभीरता से लें जिसकी यह माँग करता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंशुल कुंचा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
अंशुल कुंचा तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली के निवासी थे, जो अमेरिका में ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर्स कर चुके थे। कथित तौर पर उन्हें एक गलत अपार्टमेंट में पिज्जा डिलीवरी के लिए बुलाया गया और वापस लौटते समय उनके सिर में पीछे से गोली मार दी गई।
अंशुल कुंचा की बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से क्या माँग की है?
तन्वी ने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनके भाई का शव जल्द से जल्द भारत लाकर परिवार को सौंपा जाए। परिवार को पहले सोमवार या मंगलवार तक शव मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब गुरुवार या शुक्रवार का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्या अंशुल कुंचा पिज्जा डिलीवरी बॉय थे?
नहीं। बहन तन्वी के अनुसार, अंशुल एक जापानी मल्टीनेशनल कंपनी KWE में फुल-टाइम कार्यरत थे। मास्टर्स के दौरान उन्होंने केवल वीकेंड पर अतिरिक्त आमदनी के लिए पार्ट-टाइम पिज्जा डिलीवरी का काम किया था।
अमेरिका में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर यह मामला क्यों अहम है?
यह घटना अमेरिका में भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आई है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद नीतिगत प्रतिक्रिया अक्सर प्रतिक्रियात्मक होती है, न कि निवारक।
अंशुल कुंचा हत्या मामले में जाँच की क्या स्थिति है?
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मामले की जाँच जारी है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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