अमेरिका में तेलंगाना के अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या, बहन तन्वी ने विदेश मंत्रालय से शव भारत लाने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका में तेलंगाना के युवक अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 7 जून 2026 को उनकी बहन तन्वी कुंचा ने मीडिया से बातचीत में भारत के विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया कि उनके भाई का शव जल्द से जल्द भारत लाकर परिवार को सौंपा जाए। अंशुल मेडचल मल्काजगिरी जिले के गुंडलापोचमपल्ली के निवासी थे।
कैसे हुई हत्या
तन्वी ने बताया कि अंशुल को एक गलत अपार्टमेंट में बुलाया गया था, जो एक खाली घर था। जब वह पिज्जा डिलीवर करके अपनी गाड़ी की ओर वापस लौट रहे थे, तब उनके सिर में पीछे से गोली मार दी गई। तन्वी के शब्दों में, "मुझे सच में नहीं पता। हम जानते हैं कि उन्हें एक गलत अपार्टमेंट में बुलाया गया था। वह एक खाली घर था। जब वह पिज्जा डिलीवर करके अपनी गाड़ी की ओर वापस जा रहे थे तो उनके सिर में पीछे से गोली मार दी गई।"
अंशुल की पहचान और पृष्ठभूमि
तन्वी ने स्पष्ट किया कि उनके भाई की पहचान केवल एक डिलीवरी बॉय के रूप में नहीं होनी चाहिए। अंशुल ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWE नाम की एक जापानी मल्टीनेशनल कंपनी में फुल-टाइम नौकरी भी मिल गई थी।
मास्टर्स के दौरान उन्होंने अतिरिक्त आमदनी के लिए एक पिज्जा शॉप में पार्ट-टाइम काम किया था — वह भी केवल जरूरत पड़ने पर। वीकेंड पर वह दो या तीन डिलीवरी शिफ्ट लेते थे। परिवार के अनुसार, वह एक खुशमिजाज और सबसे प्यारे स्वभाव के इंसान थे।
परिवार की विदेश मंत्रालय से अपील
तन्वी ने कहा, "विदेश मंत्रालय से मेरी बस यही अपील है कि मुझे मेरे भाई की बॉडी जल्द से जल्द वापस मिल जाए। शुरू में हमें सोमवार या मंगलवार तक शव मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब गुरुवार या शुक्रवार का अंदाजा मिल रहा है। हम उसका शव इतने लंबे समय तक वहाँ नहीं रखना चाहते।"
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी भारतीय मूल के युवक को अमेरिका में इस तरह की हिंसा का शिकार होना पड़ा हो।
आगे क्या होगा
फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मामले की जाँच जारी है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी हस्तक्षेप से अंशुल का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाएगा और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।