केरल मिनी कूपर हादसा: नाबालिग ड्राइवर को शराब परोसने पर तीन बार होटलों पर मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
केरल के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को राज्य विधानसभा में बताया कि नेडुम्बसेरी के पास हुई मिनी कूपर दुर्घटना में तीन युवाओं की मौत के बाद, कानूनी रूप से निर्धारित 23 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब परोसने के आरोप में तीन बार होटलों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। आबकारी विभाग की यह कार्रवाई कडावंथरा, पलारीवट्टोम और नेडुम्बसेरी के प्रतिष्ठानों के विरुद्ध की गई है।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना रविवार तड़के लगभग 2 बजे कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट हुई, जब 19 वर्षीय सुहैल सजीव द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही मिनी कूपर ने एक स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटर पर सवार इयास, गोपिका और देविका तीनों की मौत मौके पर ही हो गई। पुलिस एफआईआर के अनुसार, कार को इस कदर लापरवाही से चलाया जा रहा था कि राहगीरों की जानें खतरे में पड़ गईं।
मृतक तीनों युवा थ्रिक्काकारा की एक क्राफ्ट शॉप में पार्ट-टाइम काम करते थे और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ रोज़गार भी कर रहे थे।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
पुलिस ने सुहैल सजीव के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के सिलसिले में कार में सवार तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। आबकारी विभाग ने आरोप लगाया है कि उक्त तीनों बार प्रतिष्ठानों ने 19 साल के सुहैल को शराब परोसी, जो केरल में कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम उम्र 23 वर्ष से कम है।
सरकार की प्रतिक्रिया
आबकारी मंत्री एम. लिजू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे और जो भी बार नाबालिग या तय उम्र से कम उम्र के व्यक्तियों को शराब परोसते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी और केरल में शराब सेवा संबंधी कानूनों की प्रभावी निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है।
परिवार के आरोप और जाँच पर सवाल
गोपिका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके पिता ने कहा कि शुरुआती एफआईआर में यह उल्लेख नहीं था कि सुहैल नशे में था। उन्होंने उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए, जिनमें सुहैल को बोर्स्टल स्कूल भेजा गया। परिवार का यह भी आरोप है कि हादसे के बाद आरोपी ने कथित तौर पर कहा था कि उसके पिता मामले को संभाल लेंगे। परिजनों ने उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की है और आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गोपिका की छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है।
आगे क्या होगा
आबकारी विभाग द्वारा दर्ज यह मामला केरल में शराब परोसने से पहले ग्राहकों की उम्र की जाँच करने की अनिवार्यता को नए सिरे से रेखांकित करता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य में किसी नशे में धुत अंडरएज ड्राइवर से जुड़े हादसे के बाद ऐसे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की माँग उठी हो। विधानसभा में की गई घोषणा के बाद अब सभी की नज़रें इस बात पर हैं कि सरकार नए दिशानिर्देश कब तक लागू करती है और पीड़ित परिवारों की जाँच संबंधी माँगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।