चूरू में तीर्थयात्रियों की टेम्पो ट्रेलर से टक्कर, एक ही परिवार की 3 महिलाओं की मौत, 13 घायल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के चूरू जिले में सोमवार, 3 अगस्त को बोबासर ओवरपास के निकट एक दर्दनाक सड़क हादसे में कोलकाता के एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और 13 अन्य लोग घायल हो गए। तीर्थयात्रियों से भरी टेम्पो ट्रैवलर की एक ट्रेलर ट्रक से आमने-सामने की भिड़ंत इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एक परिवार के 17 सदस्य किराए की टेम्पो ट्रैवलर में सालासर बालाजी मंदिर से पुष्कर की ओर जा रहे थे। सुजानगढ़ पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बोबासर ओवरपास के पास ट्रेलर ट्रक ने टेम्पो ट्रैवलर को सीधी टक्कर मार दी, जिससे गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और राहगीर घटनास्थल पर पहुँचे और तत्काल पुलिस को सूचित किया। स्थानीय नागरिकों की सहायता से बचाव दलों ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन से घायलों और मृतकों को बाहर निकाला।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
बचाव अभियान की निगरानी के लिए सुजानगढ़ के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश वर्मा और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस दरजाराम मौके पर पहुँचे। सभी 13 घायलों को सुजानगढ़ के सरकारी बागरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कड़ी चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों को सूचित कर दिया गया है।
यातायात और जाँच
टक्कर के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सामान्य आवाजाही बहाल की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना की परिस्थितियों की जाँच जारी है।
राजस्थान में सड़क हादसों का संदर्भ
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं की एक के बाद एक घटनाएँ सामने आ रही हैं। हाल ही में बांसवाड़ा के थिकरिया इलाके में एक स्कूल वैन के खड़े ट्रक से टकरा जाने पर एक स्कूली बच्चे की मौत हो गई थी और कम से कम 6 अन्य घायल हुए थे। गौरतलब है कि राजस्थान के राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीर्थयात्रियों के वाहनों की दुर्घटनाएँ एक गंभीर और दोहराई जाने वाली समस्या बनती जा रही हैं।
आगे की स्थिति
पुलिस जाँच में ट्रेलर चालक की भूमिका और हादसे के सटीक कारण — जैसे तेज़ रफ़्तार, गलत लेन या यांत्रिक खराबी — की पड़ताल की जाएगी। घायलों की स्थिति पर चिकित्सा दल नज़र बनाए हुए है।