टिफनी ट्रंप का जैसलमेर दौरा: सोनार किला और पटवों की हवेली देखेंगी ट्रंप की बेटी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप रविवार, 1 जून को अपने पति माइकल बुलोस के साथ एक चार्टर्ड फ्लाइट से राजस्थान के जैसलमेर पहुँचेंगी। यह दंपति नई दिल्ली से शुरू हुए अपने निजी भारत दौरे के तहत 'गोल्डन सिटी' का रुख कर रहा है।
दौरे का कार्यक्रम
जैसलमेर में टिफनी ट्रंप और माइकल बुलोस के विश्व प्रसिद्ध सोनार किले (जैसलमेर किला), पटवों की हवेली और गड़ीसर झील का भ्रमण करने की उम्मीद है। दंपति के लग्जरी सूर्यगढ़ होटल में ठहरने की संभावना है और सोमवार तक उनकी जैसलमेर यात्रा समाप्त होने का अनुमान है।
इससे पहले दंपति ने अपने दौरे के दौरान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दर्शन किया। टिफनी ने मंदिर की स्थापत्य कला की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। शनिवार को दोनों आगरा पहुँचे और यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक ताजमहल का दीदार किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जैसलमेर के भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट होने के कारण इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती है। सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियाँ स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही हैं, जबकि पर्यटन स्थलों और दौरे से जुड़ी जगहों पर यातायात नियमन और रूट प्रबंधन की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
पर्यटन उद्योग में उत्साह
इस दौरे से जैसलमेर के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े होटल संचालकों और टूर गाइडों में उल्लेखनीय उत्साह देखा जा रहा है। पर्यटन उद्योग के कई जानकारों का मानना है कि ट्रंप परिवार के किसी सदस्य की उपस्थिति से जैसलमेर की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मज़बूत हो सकती है तथा विदेशी पर्यटकों की रुचि में वृद्धि हो सकती है।
ट्रंप परिवार का पहला जैसलमेर दौरा नहीं
गौरतलब है कि यह ट्रंप परिवार के किसी सदस्य का जैसलमेर का पहला दौरा नहीं है। नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर सूर्यगढ़ होटल में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल विवाह समारोह में शामिल होने जैसलमेर आए थे। उस दौरान भी राजस्थान पुलिस और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजन स्थल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-अमेरिका संबंध कूटनीतिक रूप से सक्रिय दौर में हैं। टिफनी की यात्रा भले ही निजी हो, लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व और जैसलमेर की वैश्विक छवि पर इसका संभावित असर पर्यटन हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।