टिफनी ट्रंप का भारत दौरा: ताजमहल को बताया 'द स्टनिंग', जैसलमेर में आकाश मिसाइल सिस्टम से सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बुलोस के साथ निजी भारत दौरे पर हैं और 31 मई 2026 को उन्होंने ताजमहल परिसर में खिंचवाई तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए इसे 'द स्टनिंग ताजमहल' यानी 'शानदार ताजमहल' करार दिया। यह दौरा पूरी तरह निजी प्रकृति का है और इसका कोई आधिकारिक राजनयिक एजेंडा नहीं है।
ताजमहल से जैसलमेर तक का सफर
शनिवार को नई दिल्ली से आगरा पहुँचे इस दंपति ने ताजमहल में काफी समय बिताया। रविवार को टिफनी ने एक्स पर पति के साथ की तस्वीर पोस्ट की, जिसका कैप्शन था — 'द स्टनिंग ताजमहल।' इसके करीब दो घंटे बाद वे विशेष विमान से राजस्थान के जैसलमेर पहुँचीं।
जैसलमेर हवाई अड्डे के बाहर भारत के वायु रक्षा सिस्टम 'आकाश' को तैनात किया गया था, जिसे सेना और वायुसेना की एयर डिफेंस क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है। काफिले में हाई-सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ वाहन भी शामिल थे।
सूर्यगढ़ होटल में पारंपरिक स्वागत
टिफनी और माइकल सूर्यगढ़ होटल में ठहरे हैं, जहाँ उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया। हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगी।
अक्षरधाम मंदिर की यात्रा
शुक्रवार को दिल्ली पहुँचने के बाद इस दंपति ने स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। टिफनी ने दौरे के बाद एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि 'अक्षरधाम का दौरा अभूतपूर्व था।' मंदिर प्रशासन ने भी इस यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें टिफनी ट्रंप, माइकल बुलोस और उनके साथ आए मेहमानों की मेजबानी कर सम्मान मिला और इसे 'संस्कृति और विरासत की खोज का सुंदर दिन' बताया।
कौन हैं टिफनी ट्रंप और माइकल बुलोस
टिफनी ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पहली पत्नी मार्ला मैपल्स की इकलौती संतान हैं। माइकल बुलोस एक अमेरिकी-लेबनानी व्यवसायी हैं। दोनों का विवाह 12 नवंबर 2022 को हुआ था। यह जोड़ी भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को करीब से जानने के उद्देश्य से इस दौरे पर है।
गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंध कूटनीतिक रूप से सक्रिय दौर में हैं, हालाँकि इस निजी दौरे का किसी सरकारी कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं बताया गया है।