टिफनी ट्रंप जैसलमेर पहुंचीं, राजस्थानी परंपरा से स्वागत; अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी साथ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बुलोस के साथ रविवार, 1 जून 2025 को एक निजी विमान से राजस्थान के जैसलमेर पहुंचीं। जैसलमेर सिविल हवाई अड्डे पर उनका स्वागत राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के अनुसार किया गया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस दौरान जैसलमेर में मौजूद रहे।
राजदूत गोर ने एक्स पर साझा किया दौरा
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'अभी-अभी खूबसूरत जैसलमेर पहुंचा हूं।' उनकी यह पोस्ट टिफनी ट्रंप और माइकल बुलोस के जैसलमेर आगमन के संदर्भ में आई। यह दौरा पूर्णतः निजी प्रकृति का बताया जा रहा है।
लग्जरी सूर्यगढ़ होटल में ठहरेंगी टिफनी
जानकारी के अनुसार, टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बुलोस अपने जैसलमेर प्रवास के दौरान लग्जरी सूर्यगढ़ होटल में ठहरेंगे। उनकी जैसलमेर यात्रा सोमवार को समाप्त होने की उम्मीद है। इस दौरान वे सोनार किला (जैसलमेर किला), पटवों की हवेली और गड़ीसर झील जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को देखेंगी।
दिल्ली और आगरा के बाद जैसलमेर का रुख
टिफनी ट्रंप ने अपने निजी भारत दौरे की शुरुआत नई दिल्ली से की। शुक्रवार को दोनों ने स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया, जहाँ टिफनी ने एक्स पर मंदिर की वास्तुकला की तस्वीरें साझा कीं। शनिवार को दोनों आगरा गए और ताजमहल का दीदार किया — यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक पर उन्होंने अनेक तस्वीरें भी खिंचवाईं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पर्यटन क्षेत्र में उत्साह
जैसलमेर एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला है, इसलिए जिला प्रशासन और पुलिस ने इस दौरे को देखते हुए पर्यटन स्थलों और दौरे से जुड़ी जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। अधिकारी सभी संबंधित स्थानों पर करीब से नज़र रख रहे हैं। वहीं, होटल ऑपरेटरों और टूर गाइड सहित जैसलमेर की पर्यटन इंडस्ट्री के हितधारकों में इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर उत्साह का माहौल है।
2018 में इवांका ट्रंप भी आई थीं जैसलमेर
गौरतलब है कि नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप भी अपने पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर के साथ सूर्यगढ़ होटल में एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने जैसलमेर आई थीं। उस दौरान राजस्थान पुलिस और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने वेन्यू के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। टिफनी का यह दौरा उसी परंपरा की अगली कड़ी माना जा रहा है।