तिवारी जी की भावनात्मक श्रद्धांजलि: सफलता का श्रेय प्रिय लेखक को
सारांश
Key Takeaways
- तिवारी जी ने मनोज संतोषी को श्रद्धांजलि दी।
- 'भाभी जी घर हैं' ने दर्शकों का दिल जीता।
- नया वर्जन 'भाभी जी घर पर हैं 0.2' टेलीकास्ट हो रहा है।
- फिल्म को दर्शकों से कम प्यार मिला।
- मनोज संतोषी का योगदान अमिट रहेगा।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिटकॉम 'भाभी जी घर हैं' ने टीवी पर अपनी अनोखी पहचान बनाई है, जिसके संवाद और किरदारों ने दर्शकों को दीवाना बना दिया।
इस सीरियल का कंटेंट भले ही डबल मीनिंग हो, लेकिन इसकी हल्की कॉमेडी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और तिवारी जी और विभूति नारायण मिश्रा घर-घर में मशहूर हो गए। आज इस सीरियल के लेखक मनोज संतोषी की पुण्यतिथि है, और तिवारी जी, उर्फ रोहिताश्व गौर ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
रोहिताश्व गौर और बाकी किरदारों की प्रसिद्धि में संवाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसमें डबल मीनिंग के साथ हल्की-फुल्की कॉमेडी शामिल थी, विशेषकर तिवारी जी और विभूति नारायण मिश्रा के किरदारों में। ये संवाद मनोज संतोषी ने लिखे थे, जिनका निधन 23 मार्च 2025 को हुआ था। अब रोहिताश्व गौर ने लेखक को याद करते हुए अपने करियर की सफलता का श्रेय उन्हें दिया है।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फोटो साझा करते हुए लिखा, "दोस्तों, आज का दिन हमें हमारे प्रिय लेखक का स्मरण कराता है, जिन्होंने हमारे सीरियल 'भाभी जी घर पर हैं' की रचना की थी। उनके योगदान के लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगा, क्योंकि उन्होंने मुझे 'तिवारी जी' का किरदार दिया। धन्यवाद, मनोज भाई। आप जहां भी हों, सुखी और स्वस्थ रहें।"
गौरतलब है कि पहले सीरियल की सफलता के बाद इसका नया वर्जन, 'भाभी जी घर पर हैं 0.2', टेलीकास्ट हो रहा है, जिसमें शिल्पा शिंदे ने सालों बाद वापसी की है। शो में किरदार भले ही बदल गए हैं, लेकिन मजा और कंटेंट वही पुराना है। इस शो से जुड़ी एक फिल्म भी रिलीज हो चुकी है, जिसमें शुभांगी अत्रे और रवि किशन की एकतरफा लव स्टोरी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यह फिल्म 6 फरवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। फिल्म का निर्देशन शशांक बाली ने किया था, लेकिन इसे सीरियल की तुलना में कम प्यार मिला, क्योंकि दर्शकों को दोनों में ज्यादा अंतर नहीं दिखाई दिया।