तृणमूल विधायक दिलीप मंडल पुरी से गिरफ्तार, STF ने होटल में दबोचा; कोलकाता लाया जा रहा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बुधवार, 27 मई को फरार तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक दिलीप मंडल को ओडिशा के पुरी में एक होटल से हिरासत में ले लिया। दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मंडल 14 मई से फरार थे और पुलिस उनकी तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार, उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दिलीप मंडल ने एक अन्य दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धमकी दी। हालाँकि, उस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की।
14 मई को जब पुलिस उनके घर पहुँची, तो वह वहाँ मौजूद नहीं थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस के आने की भनक लगते ही वह घर छोड़कर फरार हो गए।
पुरी में कैसे हुई गिरफ्तारी
कुछ दिन पहले STF को सूचना मिली कि विधायक पुरी के एक होटल में ठहरे हुए हैं। इस इनपुट पर STF और डायमंड हार्बर पुलिस की संयुक्त टीम होटल पहुँची। होटल के रजिस्टर की जाँच में उनकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद टीम ने कमरे में दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया।
बेटे की गिरफ्तारी और अन्य आरोपी
इससे पहले 17 मई को पुलिस ने विधायक के बेटे अर्घ्य मंडल समेत पाँच लोगों को गिरफ्तार किया था। डायमंड हार्बर जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अर्घ्य को हथियारों के साथ पकड़ा गया और उन पर इलाके में अशांति फैलाने का आरोप है। इन पाँचों को बंगाल की खाड़ी के निकट बक्खाली-फ्रेजरगंज इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं पर कानूनी कार्रवाइयाँ चर्चा में हैं। गौरतलब है कि इस मामले में पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। पुलिस जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या होगा
ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाए जाने के बाद दिलीप मंडल को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। जाँच एजेंसियाँ वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और धमकी के आरोपों की पड़ताल जारी रखेंगी।