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तमिलनाडु राजस्व मंत्री सेंगोट्टैयन का निजी अस्पताल विवाद: 'रिश्तेदारों का है, मुफ्त मिलता है इलाज'

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तमिलनाडु राजस्व मंत्री सेंगोट्टैयन का निजी अस्पताल विवाद: 'रिश्तेदारों का है, मुफ्त मिलता है इलाज'

सारांश

TVK सरकार की नीति थी कि मंत्री सरकारी अस्पतालों में इलाज कराएंगे — लेकिन राजस्व मंत्री सेंगोट्टैयन निजी अस्पताल गए। सफाई में कहा: अस्पताल रिश्तेदारों का है, मुफ्त इलाज मिलता है। यह विवाद सरकार की जन-हितैषी छवि पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के राजस्व मंत्री के.
सेंगोट्टैयन ने कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य जांच कराई।
मंत्री ने कहा कि आठ महीनों की व्यस्तता के कारण जांच टलती रही थी; नतीजे संतोषजनक रहे।
निजी अस्पताल उनके रिश्तेदारों द्वारा संचालित है और वे वहाँ मुफ्त इलाज पाते हैं।
TVK सरकार की घोषित नीति थी कि मंत्री सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएंगे।
मंत्री ने कोयंबटूर में लड़की की हत्या और कल्याणकारी योजनाओं पर भी सवालों के जवाब दिए; भविष्य के फैसले मुख्यमंत्री सी.

तमिलनाडु के राजस्व मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन ने सोमवार, 25 मई को कोयंबटूर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के अपने फैसले पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच थी, जो काम के दबाव के कारण पिछले आठ महीनों से टलती आ रही थी। यह मामला इसलिए विवादास्पद बना क्योंकि सत्तारूढ़ तमिलनाडु विकास कझगम (TVK) सरकार ने पहले घोषणा की थी कि उसके मंत्री सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएंगे।

मुख्य घटनाक्रम

सेंगोट्टैयन ने बताया कि वे सामान्यतः साल में दो बार नियमित शारीरिक जांच कराते हैं। सरकारी व्यस्तताओं के कारण यह क्रम टूट गया था, इसलिए उन्होंने अस्पताल में रुककर सभी लंबित जांचें एक साथ पूरी कराने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, डॉक्टरों ने जांच के नतीजे संतोषजनक बताए। जांच पूरी होने के बाद वे अपनी सरकारी जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए चेन्नई रवाना हो गए।

निजी अस्पताल चुनने पर सफाई

आलोचनाओं का सीधा जवाब देते हुए सेंगोट्टैयन ने कहा कि जिस अस्पताल में उन्होंने जांच कराई, वह उनके रिश्तेदारों द्वारा संचालित है और वे वर्षों से वहीं इलाज कराते आए हैं। उनके शब्दों में, 'यह एक ऐसा अस्पताल है जिसे मेरे रिश्तेदार चलाते हैं और मैंने हमेशा वहीं इलाज करवाया है। चूँकि मुझे वहाँ मुफ्त में इलाज और सुविधाएँ मिलती हैं, इसलिए मुझे कहीं और जाने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई।' उन्होंने इसे वर्षों से चली आ रही अपनी सामान्य आदत बताया।

सरकारी नीति और विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि TVK सरकार ने सत्ता में आने के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के संकल्प के तहत यह नीति घोषित की थी कि मंत्री सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएंगे। ऐसे में एक वरिष्ठ मंत्री का निजी अस्पताल जाना स्वाभाविक रूप से सवालों के घेरे में आ गया। आलोचकों का कहना है कि रिश्तेदार के अस्पताल में मुफ्त इलाज लेना नैतिक पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी जाँच का विषय हो सकता है।

अन्य मुद्दों पर मंत्री का बयान

सेंगोट्टैयन ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों के अन्य सवालों का भी जवाब दिया। कोयंबटूर में हाल ही में एक लड़की की हत्या के मामले पर उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की योजनाओं पर निर्णय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकार की वित्तीय स्थिति के आधार पर लेंगे।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब TVK सरकार अपनी जन-हितैषी छवि को मज़बूत करने में जुटी है। मंत्री की सफाई से विवाद पूरी तरह थमेगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा — खासकर तब जब विपक्ष इस मुद्दे को सरकारी नीति की विश्वसनीयता से जोड़कर उठा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए वहीं जाते हैं — यह सफाई विवाद को शांत करने की बजाय नए सवाल खड़े करती है। TVK सरकार की 'सरकारी अस्पताल में इलाज' की नीति केवल प्रतीकात्मक थी या उसमें जवाबदेही का कोई तंत्र भी था, यह स्पष्ट नहीं हुआ। रिश्तेदार के संस्थान से मुफ्त सेवा लेना हितों के टकराव (conflict of interest) की दृष्टि से भी परीक्षण योग्य है, जिस पर मंत्री ने कोई टिप्पणी नहीं की। मुख्यधारा की कवरेज सफाई तक सिमटी है — असली सवाल यह है कि क्या यह नीति लागू करने योग्य थी भी या नहीं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु राजस्व मंत्री सेंगोट्टैयन निजी अस्पताल क्यों गए?
मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन ने बताया कि आठ महीनों की सरकारी व्यस्तता के कारण उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच टल गई थी, इसलिए उन्होंने कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में सभी लंबित जांचें एक साथ पूरी कराईं। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि नियमित चेकअप था।
TVK सरकार की मंत्रियों के इलाज संबंधी क्या नीति है?
तमिलनाडु विकास कझगम (TVK) सरकार ने घोषणा की थी कि उसके मंत्री सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएंगे, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिले। सेंगोट्टैयन का निजी अस्पताल जाना इसी नीति के विरुद्ध माना गया।
सेंगोट्टैयन ने निजी अस्पताल को क्यों चुना, सरकारी को क्यों नहीं?
मंत्री ने कहा कि यह अस्पताल उनके रिश्तेदारों द्वारा संचालित है और वे वर्षों से वहीं इलाज कराते आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वहाँ उन्हें मुफ्त इलाज और सुविधाएँ मिलती हैं, इसलिए कहीं और जाने की ज़रूरत नहीं समझी।
क्या मंत्री के इलाज के नतीजे ठीक हैं?
हाँ, सेंगोट्टैयन ने बताया कि डॉक्टरों ने सभी जांचें पूरी कीं और नतीजे संतोषजनक रहे। इसके बाद वे अपनी सरकारी जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए चेन्नई रवाना हो गए।
कोयंबटूर में लड़की की हत्या के मामले पर मंत्री ने क्या कहा?
मंत्री सेंगोट्टैयन ने कहा कि कोयंबटूर में हाल की लड़की की हत्या के मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। कल्याणकारी योजनाओं पर उन्होंने कहा कि भविष्य के फैसले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकार की वित्तीय स्थिति के आधार पर लेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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