त्रिपुरा: 21 शहरी निकायों के चुनाव की तैयारी शुरू, 9 दिसंबर को समाप्त होगा कार्यकाल
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने 8 अक्टूबर 2026 को अगरतला नगर निगम समेत 21 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन सभी निकायों का कार्यकाल 9 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए आयोग ने समय रहते तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं।
पहली तैयारी बैठक
राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने अगरतला के स्टेट गेस्ट हाउस में पुलिस महानिदेशक (DGP) जी.एस. राव और वरिष्ठ सिविल व पुलिस अधिकारियों के साथ पहली समन्वय बैठक की। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मंचक इप्पर, आठों जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (SP) भी उपस्थित रहे।
चक्रवर्ती ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यूएलबी चुनाव सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाएँ और इसके लिए सभी ज़रूरी प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएँ।
मतदान केंद्र और मतदाता सूची
शहरी विकास विभाग ने आगामी चुनावों के लिए मतदान केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी है। इस सूची में 783 मतदान केंद्र शामिल हैं, जिनमें अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषद और 7 नगर पंचायतें शामिल हैं।
SEC के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 15 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सभी प्रमुख राजनीतिक दल उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
DGP जी.एस. राव ने स्पष्ट किया कि इन चुनावों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती नहीं की जाएगी। इसके स्थान पर राज्य पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) के पर्याप्त जवान चुनाव कार्य में लगाए जाएँगे।
आम जनता पर असर
त्रिपुरा के आठ जिलों में फैले इन 21 शहरी स्थानीय निकायों में लगभग 9 लाख की आबादी निवास करती है। इनमें से 4 लाख से अधिक नागरिक अकेले अगरतला नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं, जो इसे राज्य का सबसे बड़ा और सबसे महत्त्वपूर्ण शहरी निकाय बनाता है।
राजनीतिक गतिविधियाँ
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP), मुख्य विपक्षी सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वामपंथी दलों और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने उम्मीदवारों के चयन सहित चुनाव-पूर्व गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं। गौरतलब है कि त्रिपुरा में नगरीय निकाय चुनाव हमेशा विधानसभा चुनावों की एक पूर्व-परीक्षा के रूप में देखे जाते हैं, जिससे इन चुनावों का राजनीतिक महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है।
आने वाले हफ्तों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन और चुनाव तारीखों की घोषणा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।