19 अक्टूबर 2026
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जैसलमेर रोड पर भीषण हादसा: बाड़मेर खुली जेल के दो कैदियों की मौत, डंपर से टकराई कार

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जैसलमेर रोड पर भीषण हादसा: बाड़मेर खुली जेल के दो कैदियों की मौत, डंपर से टकराई कार

सारांश

बाड़मेर की खुली जेल से काम पर निकले दो कैदी सोमवार शाम जैसलमेर रोड पर एक भीषण हादसे का शिकार हो गए — कार मृत जानवर से टकराई, डिवाइडर तोड़कर डंपर से जा भिड़ी। सुबह हाजिरी लगाकर निकले महेंद्र और सुजाराम शाम तक मलबे में दबकर दम तोड़ चुके थे।

मुख्य बातें

19 अक्टूबर को जैसलमेर रोड पर नवले की चक्की के पास भीषण सड़क दुर्घटना में दो कैदियों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान महेंद्र (पिता: राणाराम) और सुजाराम (पिता: धर्माराम) के रूप में हुई; दोनों जैसलमेर जिले के देवा गाँव के निवासी थे।
दोनों बाड़मेर जिला जेल की खुली जेल में हत्या के मामले में सज़ा काट रहे थे।
कार राजमार्ग पर मृत जानवर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर डंपर ट्रक से भिड़ी।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार अंधेरे में कम दृश्यता भी दुर्घटना का कारण हो सकती है।
आरआईआईसीओ पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है; शव पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल मॉर्चरी में रखे गए हैं।

बाड़मेर जिला जेल की खुली जेल में हत्या की सज़ा काट रहे दो कैदियों की मौत सोमवार, 19 अक्टूबर को जैसलमेर रोड पर नवले की चक्की के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में हो गई। पुलिस के अनुसार, उनकी कार राजमार्ग पर एक मृत जानवर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए सामने से आ रहे एक डंपर ट्रक से जा भिड़ी।

दुर्घटना का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और दोनों कैदी मलबे में फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने कार के दरवाज़े और धातु के पैनल हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया और उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। हालाँकि, डॉक्टरों ने अस्पताल पहुँचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, अंधेरे के कारण कम दृश्यता दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकती है। पुलिस ने इस पहलू की भी जाँच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान

आरआईआईसीओ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान महेंद्र (पिता: राणाराम) और सुजाराम (पिता: धर्माराम) के रूप में हुई है। दोनों जैसलमेर जिले के देवा गाँव के निवासी थे। उनके शव सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी में रखे गए हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

खुली जेल से निकले थे काम पर

बताया जाता है कि सोमवार की सुबह दोनों कैदियों ने काम पर जाने से पहले जेल प्रशासन के रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। खुली जेल व्यवस्था के तहत, उन्हें कामकाज के लिए परिसर से बाहर जाने की अनुमति थी। दिन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन शाम तक जैसलमेर रोड पर हुए इस हादसे ने दोनों की जान ले ली।

पुलिस की कार्रवाई

दुर्घटना की सूचना मिलते ही आरआईआईसीओ पुलिस स्टेशन की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, साक्ष्य जुटाए और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जाँच अधिकारियों के अनुसार टक्कर के सटीक कारणों — जिसमें कम दृश्यता और सड़क पर मृत जानवर की मौजूदगी शामिल है — की पड़ताल जारी है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान के राजमार्गों पर रात्रिकालीन सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। गौरतलब है कि खुली जेल व्यवस्था के तहत काम पर निकले कैदियों की इस प्रकार सड़क दुर्घटना में मौत की घटना असामान्य है और जेल प्रशासन के लिए भी यह एक गंभीर मामला बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जेल प्रशासन की ज़िम्मेदारी के दायरे में आता है। राजस्थान के राजमार्गों पर रात्रिकालीन हादसों का सिलसिला थमा नहीं है, और इस घटना में अंधेरे को प्राथमिक कारक बताया जाना उस व्यापक समस्या को रेखांकित करता है। बिना जवाबदेही तय किए इस प्रकरण को महज एक आँकड़ा बनने से रोकना होगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैसलमेर रोड पर बाड़मेर के दो कैदियों की मौत कैसे हुई?
19 अक्टूबर को जैसलमेर रोड पर नवले की चक्की के पास उनकी कार एक मृत जानवर से टकराने के बाद अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर की रेलिंग तोड़कर सामने से आ रहे डंपर ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया और दोनों कैदी मलबे में फंस गए; अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
मृत कैदियों की पहचान क्या है?
आरआईआईसीओ पुलिस के अनुसार मृतकों के नाम महेंद्र (पिता: राणाराम) और सुजाराम (पिता: धर्माराम) हैं। दोनों जैसलमेर जिले के देवा गाँव के निवासी थे और बाड़मेर जिला जेल की खुली जेल में हत्या के मामले में सज़ा काट रहे थे।
खुली जेल क्या होती है और इन कैदियों को बाहर जाने की अनुमति कैसे थी?
खुली जेल एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें अच्छे आचरण वाले कैदियों को दिन में काम या अन्य गतिविधियों के लिए परिसर से बाहर जाने की अनुमति होती है। दोनों कैदियों ने उस सुबह जेल रजिस्टर में हाजिरी दर्ज कराने के बाद काम के लिए प्रस्थान किया था।
दुर्घटना के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
आरआईआईसीओ पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची, मुआयना किया और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी में रखे गए हैं।
दुर्घटना का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार राजमार्ग पर मृत जानवर की मौजूदगी और अंधेरे के कारण कम दृश्यता दुर्घटना के प्रमुख कारण हो सकते हैं। जाँच अभी जारी है और सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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