जैसलमेर रोड पर भीषण हादसा: बाड़मेर खुली जेल के दो कैदियों की मौत, डंपर से टकराई कार
सारांश
मुख्य बातें
बाड़मेर जिला जेल की खुली जेल में हत्या की सज़ा काट रहे दो कैदियों की मौत सोमवार, 19 अक्टूबर को जैसलमेर रोड पर नवले की चक्की के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में हो गई। पुलिस के अनुसार, उनकी कार राजमार्ग पर एक मृत जानवर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए सामने से आ रहे एक डंपर ट्रक से जा भिड़ी।
दुर्घटना का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और दोनों कैदी मलबे में फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने कार के दरवाज़े और धातु के पैनल हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने का प्रयास किया और उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। हालाँकि, डॉक्टरों ने अस्पताल पहुँचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, अंधेरे के कारण कम दृश्यता दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकती है। पुलिस ने इस पहलू की भी जाँच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान
आरआईआईसीओ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान महेंद्र (पिता: राणाराम) और सुजाराम (पिता: धर्माराम) के रूप में हुई है। दोनों जैसलमेर जिले के देवा गाँव के निवासी थे। उनके शव सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी में रखे गए हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
खुली जेल से निकले थे काम पर
बताया जाता है कि सोमवार की सुबह दोनों कैदियों ने काम पर जाने से पहले जेल प्रशासन के रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। खुली जेल व्यवस्था के तहत, उन्हें कामकाज के लिए परिसर से बाहर जाने की अनुमति थी। दिन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन शाम तक जैसलमेर रोड पर हुए इस हादसे ने दोनों की जान ले ली।
पुलिस की कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आरआईआईसीओ पुलिस स्टेशन की एक टीम घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, साक्ष्य जुटाए और औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जाँच अधिकारियों के अनुसार टक्कर के सटीक कारणों — जिसमें कम दृश्यता और सड़क पर मृत जानवर की मौजूदगी शामिल है — की पड़ताल जारी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान के राजमार्गों पर रात्रिकालीन सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। गौरतलब है कि खुली जेल व्यवस्था के तहत काम पर निकले कैदियों की इस प्रकार सड़क दुर्घटना में मौत की घटना असामान्य है और जेल प्रशासन के लिए भी यह एक गंभीर मामला बन गया है।