अलवर में दो बहनों की कार में बंद होकर दम घुटने से मौत, टीना (8) और लक्ष्मी (5) की गई जान
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के अलवर शहर के खुदानपुरी इलाके में बुधवार, 20 मई को एक दर्दनाक हादसे में दो सगी बहनों की जान चली गई। टीना (8 वर्ष) और लक्ष्मी (5 वर्ष) खेलते-खेलते एक क्षतिग्रस्त कार में घुस गईं और दरवाज़ा अंदर से न खुलने के कारण दम घुटने से उनकी मृत्यु हो गई। दोनों बच्चियों को बेहोश हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस और परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चियाँ सुबह लगभग 11:30 बजे घर के पास स्थित एक कार मरम्मत केंद्र के निकट खेल रही थीं। उसी दौरान वे वहाँ खड़ी एक लावारिस लाल कार में चली गईं। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दोनों बहनें वाहन के पास जाती, ड्राइवर की तरफ से अंदर घुसती और दरवाज़ा बंद करती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार, कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी — उसका इंजन और बैटरी पहले ही निकाल ली गई थी। एक बार दरवाज़ा बंद होने के बाद बच्चियाँ उसे दोबारा नहीं खोल पाईं और भीतर ही फँसी रहीं।
पिता की पीड़ा: दोपहर में लौटे तो बेटियाँ गायब थीं
बच्चियों के पिता रमेश ने बताया कि वे सुबह बच्चों को घर पर छोड़कर काम पर गए थे। उन्होंने कहा, 'जब मैं दोपहर के भोजन के लिए घर लौटा, तो मेरी दोनों बेटियाँ गायब थीं। हमने आसपास खोजबीन की और बाद में उन्हें कार के अंदर बेहोश पाया।' स्थानीय लोगों की मदद से बच्चियों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रमेश ने यह भी बताया कि मरम्मत केंद्र के कर्मचारियों ने पहले भी कई बार बच्चों को उस गाड़ी से दूर करने की कोशिश की थी, परंतु खेल में मशगूल लड़कियाँ बार-बार वापस चली जाती थीं।
परिवार पर दोहरी त्रासदी
यह हादसा उस परिवार के लिए दूसरा बड़ा सदमा है। चार साल पहले ही दोनों बच्चियों की माँ की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो चुकी है। अब पिता रमेश ने अपनी दोनों बेटियाँ भी खो दी हैं। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
पुलिस जाँच और प्रारंभिक निष्कर्ष
वैशाली नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर गुरुदत्त सैनी ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में यह स्पष्ट होता है कि कार में प्रवेश के बाद बच्चियाँ दरवाज़ा नहीं खोल पाईं, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है।
यह घटना उन अनगिनत हादसों की याद दिलाती है जहाँ छोटे बच्चे बंद वाहनों में फँसकर जान गँवा देते हैं — और लावारिस व क्षतिग्रस्त वाहनों को आबादी वाले इलाकों में खुला छोड़ने के खतरे को एक बार फिर रेखांकित करती है।