संयुक्त अरब अमीरात से भारत के लिए 90 से ज्यादा उड़ानों की उम्मीद amidst Middle East tensions
सारांश
Key Takeaways
- यूएई से भारत के लिए 95 उड़ानें आने की संभावना।
- कतर एयरवेज विशेष उड़ानें संचालित कर रहा है।
- भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने के उपाय किए जा रहे हैं।
- विदेश मंत्रालय सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर रख रहा है।
- 3.75 लाख यात्री लौट चुके हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच, सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत के लिए लगभग 95 उड़ानें आने की संभावना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस क्षेत्र से कुछ विशेष (नॉन-शेड्यूल) उड़ानें भी संचालित हो रही हैं, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए नियमित उड़ानें चल रही हैं।
कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और कतर एयरवेज सोमवार को भारत के लिए 8 से 10 विशेष उड़ानें चलाने का कार्यक्रम बना रहा है। दूसरी ओर, कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस अभी भी बंद है, लेकिन कुवैत की जजीरा एयरवेज सऊदी अरब के अल कैसुमाह एयरपोर्ट (एक्यूआई) से भारत के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। इसी तरह, बहरीन की गल्फ एयर सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट से विशेष उड़ानें चला रही है।
कुवैत, बहरीन और इराक में फंसे भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के माध्यम से भारत लाया जा रहा है। वहीं ईरान में मौजूद भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते वापस लाने में सहायता की जा रही है। अब तक 1,031 भारतीय, जिनमें 707 छात्र शामिल हैं, इन मार्गों से बाहर निकाले जा चुके हैं।
ईरान के तेहरान, इस्फहान और शिराज में मौजूद भारतीय छात्रों को देश के अंदर ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं इजरायल में मौजूद भारतीयों को जॉर्डन के जरिए भारत भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विश्व के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की और ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं, साथ ही आशा व्यक्त की कि यह त्योहार क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाएगा।
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समुद्री मार्गों को सुरक्षित और खुले रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) पश्चिम एशिया की स्थिति पर सतत नज़र रखे हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए चौबीसों घंटे एक कंट्रोल रूम भी सक्रिय है और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।
विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावास और मिशन भी 24 घंटे काम कर रहे हैं। वे हेल्पलाइन के माध्यम से भारतीय समुदाय से संपर्क साधते हैं और ज़रूरत के अनुसार सलाह और सहायता प्रदान कर रहे हैं।
28 फरवरी से अब तक लगभग 3.75 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं और उड़ान संचालन की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है।