उदयनिधि स्टालिन की माँग: तमिलनाडु में तुरंत नियुक्त हो पूर्णकालिक कृषि सचिव, किसानों की बढ़ती परेशानियों पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार से तत्काल एक पूर्णकालिक कृषि सचिव नियुक्त करने की माँग की। उन्होंने कहा कि समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व की अनुपस्थिति ऐसे समय में किसानों की चिंताओं को और गहरा कर रही है, जब मानसून का मौसम कृषि गतिविधियों के लिए सर्वाधिक निर्णायक होता है।
पद एक महीने से खाली, कोई स्थायी नियुक्ति नहीं
उदयनिधि ने बताया कि कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव रहे आईएएस अधिकारी शंकर का तबादला पुरातत्व आयुक्त के पद पर हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक उनके स्थान पर कोई पूर्णकालिक अधिकारी नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस विभाग के लिए अलग बजट आवंटित हो, उसे बिना किसी समर्पित सचिव के कैसे चलाया जा सकता है।
उनके अनुसार इस रिक्तता से किसान-कल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री — जिन पर इस मुद्दे पर ध्यान देने की ज़िम्मेदारी थी — अन्य कार्यों में व्यस्त रहे।
मानसून में स्थिर नेतृत्व की ज़रूरत
उदयनिधि ने तर्क दिया कि मानसून के साथ ही कृषि क्षेत्र को स्थिर नेतृत्व और तीव्र समन्वय की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े फैसले तत्काल लिए जा सकें और जिला स्तर पर खेती से संबंधित कार्यों की सतत निगरानी हो सके, इसके लिए एक अनुभवी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियुक्ति अपरिहार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग एक निष्क्रिय मंत्री और अनुपस्थित सचिव के बोझ तले दबा हुआ है, जो कृषक समुदाय के प्रति सरकार की बेपरवाही को दर्शाता है।
फसल ऋण माफी और किसान आंदोलन
उदयनिधि ने सत्ताधारी टीवीके सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह सत्ता में आने के बाद फसल ऋण माफी के अपने चुनावी वादे को पूरा करने में नाकाम रही है। उनके अनुसार खराब योजना वाले उपायों ने प्राकृतिक आपदाओं के बीच सांबा की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को किसानों ने मुथुपेट्टई में सड़क जाम कर दिया और शिकायत की कि सिंचाई का पानी नहर के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों तक नहीं पहुँच रहा। किसानों ने खेती के लिए जल-आपूर्ति की माँग करते हुए विरोधस्वरूप वीरनम झील में भी प्रवेश किया। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु के कई ज़िलों में सिंचाई व्यवस्था पर दबाव पहले से बना हुआ है।
14 अक्टूबर को सचिवालय घेराव की चेतावनी
उदयनिधि ने बताया कि तमिलनाडु किसान संघ ने 14 अक्टूबर 2026 को चेन्नई स्थित सचिवालय का घेराव करने की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुसार फसल ऋण पूर्णतः माफ करने की माँग को लेकर किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सरकार समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
क्या होगा आगे
उदयनिधि ने सरकार से अपील की कि वह देरी समाप्त करे और तत्काल एक पूर्णकालिक कृषि सचिव नियुक्त करे, ताकि खेती को बचाया जा सके और समय पर निर्णय लेकर किसानों की शिकायतों का समाधान हो सके। यह देखना होगा कि सत्तापक्ष इन आरोपों का जवाब देता है या 14 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले कोई प्रशासनिक कदम उठाता है।