5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उदयनिधि स्टालिन का CM विजय पर हमला: कृषि ऋण माफी में देरी पर सभी किसानों के लिए तत्काल राहत की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उदयनिधि स्टालिन का CM विजय पर हमला: कृषि ऋण माफी में देरी पर सभी किसानों के लिए तत्काल राहत की माँग

सारांश

तमिलनाडु के विपक्ष नेता उदयनिधि स्टालिन ने CM विजय को सार्वजनिक रूप से 'डमी मुख्यमंत्री' कहा और एक्स पर पूछा — फसल ऋण माफ़ी की घोषणा कब होगी? उपचुनाव के एक माह बाद भी बातचीत न होने और पोंगल सामने होने से किसानों की चिंता गहरी है।

मुख्य बातें

उदयनिधि स्टालिन ने 5 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर CM सी.
जोसेफ विजय को कृषि ऋण माफी में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
सरकार ने चुनाव-पूर्व सभी फसल ऋण माफ करने का वादा किया था, लेकिन बाद में स्लैब-आधारित सीमित माफ़ी का प्रस्ताव लाई।
धारापुरम और मदुरंतकम उपचुनावों के करीब एक माह बाद भी सरकार ने कोई बातचीत शुरू नहीं की।
कावेरी नदी का पानी समय पर न मिलने से कुरुवई फसल सीजन बुरी तरह प्रभावित होने का आरोप।
किसान पोंगल पर्व से पहले आर्थिक राहत न मिलने की आशंका से चिंतित हैं।
विपक्ष ने माँग की कि बिना किसी शर्त के सभी पात्र किसानों का पूरा फसल ऋण तुरंत माफ़ किया जाए।

तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 5 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार फसल ऋण माफी के अपने चुनावी वादे को जानबूझकर टाल रही है और किसानों को बार-बार गुमराह किया जा रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता ने सरकार से माँग की कि बिना किसी शर्त के सभी पात्र किसानों का पूरा फसल ऋण तुरंत माफ किया जाए।

एक्स पर सीधा हमला

गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए उदयनिधि ने सार्वजनिक रूप से पूछा कि मुख्यमंत्री विजय किसानों के फसल ऋण पूरी तरह माफ करने की घोषणा कब करेंगे। उन्होंने विजय को 'डमी' मुख्यमंत्री कहते हुए आरोप लगाया कि किसानों और विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बावजूद सरकार मौन बनी हुई है।

स्लैब-आधारित प्रणाली पर विवाद

उदयनिधि के अनुसार, सत्ता में आने से पहले सत्तारूढ़ दल ने सभी फसल ऋण माफ करने का वादा किया था। किंतु बाद में सरकार एक 'स्लैब-आधारित' प्रणाली लेकर आई, जिसके तहत केवल एक सीमित राशि ही माफ की जाएगी। इस प्रस्ताव का DMK, अन्य विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने कड़ा विरोध किया और बिना किसी शर्त के पूरे कर्ज की माफी की माँग दोहराई।

उपचुनाव के बाद भी नहीं हुई बातचीत

उदयनिधि ने याद दिलाया कि राज्य सरकार के मंत्रियों ने विरोध कर रहे किसानों को आश्वासन दिया था कि धारापुरम और मदुरंतकम विधानसभा उपचुनावों के बाद ऋण माफी पर बातचीत की जाएगी। हालाँकि, उन चुनावों को लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने न कोई सार्थक संवाद शुरू किया है और न ही अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने चेताया कि किसानों को आशंका है कि सरकार मूल वादे को पूरा करने के बजाय एक और सीमित राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।

पोंगल और कुरुवई फसल संकट की पीड़ा

आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए उदयनिधि ने कहा कि जो किसान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे बिना किसी वित्तीय बोझ के पोंगल पर्व मना सकेंगे या नहीं। उन्होंने 'कुरुवई' फसल सीजन की विफलता पर भी सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि कावेरी नदी का पानी समय पर और पर्याप्त मात्रा में न छोड़े जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

विधानसभा में गुमराह करने का आरोप

उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर विधानसभा को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि 'कुरुवई' विशेष सहायता पैकेज सूखा राहत का हिस्सा है और मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है — जिसे विपक्षी नेता भ्रामक बताते हैं। विपक्ष का कहना है कि यह सरकार कृषि संकट को सुलझाने में पिछली सरकारों से अलग नहीं है। तमिलनाडु के किसानों को फिलहाल राज्य की नीतिगत दिशा का इंतजार है, और आने वाले पोंगल से पहले का यह राजनीतिक दबाव सरकार की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

DMK और अन्य दल एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं, तो सरकार उपचुनाव के बाद भी संवाद से क्यों बचती रही? पोंगल की समय-सीमा अब एक राजनीतिक दबाव बन चुकी है — इसे नज़रअंदाज़ करना सरकार के लिए महँगा साबित हो सकता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयनिधि स्टालिन ने CM विजय की आलोचना क्यों की?
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि CM विजय ने फसल ऋण माफी के चुनावी वादे को लागू करने में देरी की है। सरकार ने पूर्ण माफ़ी के वादे के बजाय 'स्लैब-आधारित' सीमित माफ़ी का प्रस्ताव पेश किया, जिसे विपक्ष और किसान संगठन नामंज़ूर कर चुके हैं।
तमिलनाडु में कृषि ऋण माफ़ी का विवाद क्या है?
सत्तारूढ़ दल ने चुनाव से पहले सभी फसल ऋण बिना शर्त माफ करने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद 'स्लैब-आधारित' प्रणाली लाई गई जिसमें केवल एक सीमित राशि माफ की जाएगी। इसी वादाखिलाफी को लेकर DMK, विपक्षी दल और किसान संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं।
धारापुरम और मदुरंतकम उपचुनाव से इस मुद्दे का क्या संबंध है?
सरकारी मंत्रियों ने किसानों को आश्वासन दिया था कि धारापुरम और मदुरंतकम उपचुनावों के बाद ऋण माफ़ी पर बातचीत होगी। उपचुनावों को लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने न संवाद शुरू किया है, न ही अपना रुख स्पष्ट किया है।
कुरुवई फसल सीजन विफलता पर क्या आरोप हैं?
उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि कावेरी नदी का पानी समय पर और पर्याप्त मात्रा में न मिलने से कुरुवई फसल सीजन में किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि CM विजय ने विधानसभा में दावा किया था कि विशेष सहायता पैकेज सूखा राहत का हिस्सा है और मुआवज़ा दे दिया गया है, जिसे विपक्ष भ्रामक बताता है।
किसानों की पोंगल से पहले क्या माँग है?
किसान चाहते हैं कि पोंगल त्योहार से पहले सरकार बिना किसी शर्त के सभी पात्र किसानों का पूरा फसल ऋण माफ करने की घोषणा करे। आर्थिक तंगी के कारण कई किसान परिवार त्योहार मनाने में भी असमर्थ हैं और समय पर राहत न मिलने की आशंका उन्हें चिंतित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले