उदयनिधि स्टालिन का CM विजय पर हमला: कृषि ऋण माफी में देरी पर सभी किसानों के लिए तत्काल राहत की माँग
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 5 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार फसल ऋण माफी के अपने चुनावी वादे को जानबूझकर टाल रही है और किसानों को बार-बार गुमराह किया जा रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता ने सरकार से माँग की कि बिना किसी शर्त के सभी पात्र किसानों का पूरा फसल ऋण तुरंत माफ किया जाए।
एक्स पर सीधा हमला
गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए उदयनिधि ने सार्वजनिक रूप से पूछा कि मुख्यमंत्री विजय किसानों के फसल ऋण पूरी तरह माफ करने की घोषणा कब करेंगे। उन्होंने विजय को 'डमी' मुख्यमंत्री कहते हुए आरोप लगाया कि किसानों और विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बावजूद सरकार मौन बनी हुई है।
स्लैब-आधारित प्रणाली पर विवाद
उदयनिधि के अनुसार, सत्ता में आने से पहले सत्तारूढ़ दल ने सभी फसल ऋण माफ करने का वादा किया था। किंतु बाद में सरकार एक 'स्लैब-आधारित' प्रणाली लेकर आई, जिसके तहत केवल एक सीमित राशि ही माफ की जाएगी। इस प्रस्ताव का DMK, अन्य विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने कड़ा विरोध किया और बिना किसी शर्त के पूरे कर्ज की माफी की माँग दोहराई।
उपचुनाव के बाद भी नहीं हुई बातचीत
उदयनिधि ने याद दिलाया कि राज्य सरकार के मंत्रियों ने विरोध कर रहे किसानों को आश्वासन दिया था कि धारापुरम और मदुरंतकम विधानसभा उपचुनावों के बाद ऋण माफी पर बातचीत की जाएगी। हालाँकि, उन चुनावों को लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने न कोई सार्थक संवाद शुरू किया है और न ही अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने चेताया कि किसानों को आशंका है कि सरकार मूल वादे को पूरा करने के बजाय एक और सीमित राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।
पोंगल और कुरुवई फसल संकट की पीड़ा
आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए उदयनिधि ने कहा कि जो किसान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे बिना किसी वित्तीय बोझ के पोंगल पर्व मना सकेंगे या नहीं। उन्होंने 'कुरुवई' फसल सीजन की विफलता पर भी सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि कावेरी नदी का पानी समय पर और पर्याप्त मात्रा में न छोड़े जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
विधानसभा में गुमराह करने का आरोप
उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर विधानसभा को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि 'कुरुवई' विशेष सहायता पैकेज सूखा राहत का हिस्सा है और मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है — जिसे विपक्षी नेता भ्रामक बताते हैं। विपक्ष का कहना है कि यह सरकार कृषि संकट को सुलझाने में पिछली सरकारों से अलग नहीं है। तमिलनाडु के किसानों को फिलहाल राज्य की नीतिगत दिशा का इंतजार है, और आने वाले पोंगल से पहले का यह राजनीतिक दबाव सरकार की परीक्षा होगी।