योगी के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' पर BJP नेताओं का हमला — विरोधियों को मिलेगा करारा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकाले जा रहे 'लोकतंत्र बचाओ मार्च, अराजकता हटाओ' को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने संविधान और राष्ट्र की रक्षा का व्यापक अभियान करार दिया है। 5 नवंबर 2026 को गाजियाबाद में BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर और सांसद अतुल गर्ग ने इस मार्च के समर्थन में तीखे बयान दिए और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा।
BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर का बयान
BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक रिकॉर्ड बना है, इतिहास रचा गया है। पूरे देश में जिस तरह से सुशासन लागू हुआ, बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा का जो माहौल बना है, उससे भाजपा के लिए जीत मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम योगी के नेतृत्व में अराजकता फैलाने वालों को करारा तमाचा मिलेगा।
गुर्जर ने कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बैलेट के ज़रिये चुनाव की माँग करने वाली कांग्रेस का एमएलसी चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया है। उनके अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के सामने प्रदर्शन करना बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान है।
विधायक ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा के नेता पहले बाबासाहेब अंबेडकर को भू-माफिया कहते थे और वे पूरी तरह लोकतंत्र विरोधी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सच्चे यादव भी सपा को वोट देने नहीं जाएंगे और अखिलेश यादव डर की वजह से अराजकता का सहारा ले रहे हैं।
सांसद अतुल गर्ग की प्रतिक्रिया
BJP सांसद अतुल गर्ग ने 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' को संविधान विरोधियों के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा, 'यह पदयात्रा उन लोगों के खिलाफ है जो संविधान के विरुद्ध काम कर रहे हैं। जहाँ मुट्ठीभर लोग संविधान की रक्षा के नाम पर अपना नैरेटिव पेश कर रहे हैं, वहीं पूरा देश राष्ट्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट खड़ा है।'
मार्च का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह मार्च ऐसे समय में निकाला जा रहा है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परदे के पीछे से शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल — विशेषकर सपा और कांग्रेस — सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप लगा रहे हैं। BJP के इस 'पदयात्रा' अभियान को सत्ता पक्ष की ओर से जन-जागरण और जमीनी जुड़ाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विधायक गुर्जर ने यह भी कहा कि लोगों ने ऐलान कर दिया है कि यदि कोई गलत बात हुई तो संसद हो या विधानसभा, लाखों लोग जाकर उनको ठीक करेंगे। उन्होंने देश की तुलना बांग्लादेश और श्रीलंका से करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 'यह भारत है, यहाँ के लोग राष्ट्रवादी हैं।'
आगे की राजनीतिक दिशा
यह मार्च BJP के लिए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक जमीन पुख्ता करने का अवसर है। CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अपने विकास कार्यों को केंद्र में रखते हुए विपक्ष को 'अराजकता का पैरोकार' बताने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के और चरण संभावित हैं।