सपा सरकार ने युवाओं-किसानों की नहीं, आतंकवादियों की चिंता की: भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 19 जून 2026 को बागपत में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार ने अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों और मजदूरों के हितों की बजाय आतंकवादियों की रिहाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के पहले ही मंत्रिमंडल में आतंकवादियों को रिहा करने का प्रस्ताव रखा गया था।
मुख्य आरोप: पहले मंत्रिमंडल में आतंकवादियों की रिहाई का प्रस्ताव
गुर्जर ने कहा, 'दुनिया के किसी भी देश में, चाहे वह कितना भी आतंकवाद प्रभावित क्यों न हो, किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री ने ऐसा कदम नहीं उठाया कि अपने पहले ही मंत्रिमंडल में उन आतंकवादियों को रिहा करने की बात करे, जिनकी वजह से देश के निर्दोष लोगों की जान गई हो।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिना किसी बाहरी मदद या समर्थन के कोई व्यक्ति आतंकवादियों को रिहा कराने की कोशिश क्यों करेगा।
राम मंदिर दान पात्र विवाद पर भाजपा विधायक की प्रतिक्रिया
राम मंदिर दान पात्र मामले में विपक्ष द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए जा रहे आरोपों पर नंद किशोर गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह मामला भाजपा का नहीं, बल्कि संबंधित ट्रस्ट से जुड़ा विषय है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का आरोपी समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता है, जो फिलहाल फरार है। गुर्जर ने कहा कि जिसने भी भगवान श्रीराम के भक्तों के साथ धोखाधड़ी की है, उससे एक-एक पैसा वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसकी संपत्ति तक नीलाम की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विधायक का संदेश
21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुर्जर ने कहा कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया भर के घरों तक पहुँच चुका है। उन्होंने बताया कि बागपत में भी नियमित रूप से योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोगों की लगातार भागीदारी देखने को मिल रही है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। गौरतलब है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। भाजपा की ओर से इस तरह के बयान राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को केंद्र में रखने की रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।