उज्जैन को मेट्रो सिटी का दर्जा मिलेगा: सीएम मोहन यादव का सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 मई 2025 को स्पष्ट किया कि उज्जैन को उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ मेट्रो सिटी का दर्जा भी दिलाया जाएगा। उज्जैन मक्सी रोड स्थित जय गुरुदेव आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह घोषणा की और संत उमाकांत महाराज से आशीर्वाद लिया।
सिंहस्थ 2028 और मेट्रो सिटी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन को मेट्रो सिटी के रूप में स्थापित करने की योजना है। उनके अनुसार, उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि 'उत्सव की नगरी' भी बन चुकी है। यह लक्ष्य शहर के बुनियादी ढाँचे और पहचान दोनों को नया आयाम देने का संकेत है।
गीता भवन और सनातन परंपरा
सीएम यादव ने बताया कि प्रदेश के हर जिले में गीता भवन का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ भगवान कृष्ण के उपदेशों का वाचन और आध्यात्मिक अध्ययन संभव होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोपालन को प्रोत्साहित कर रही है और गोपालक परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। गोशालाओं के निर्माण और संरक्षण का कार्य भी सरकार की प्राथमिकताओं में है।
19 शहरों में शराबबंदी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उज्जैन सहित प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू है। इनमें ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, पीतांबरा पीठ, सलकनपुर, ओरछा और चित्रकूट प्रमुख हैं। उनके अनुसार यह निर्णय सनातन परंपरा और संतों के मार्गदर्शन के अनुरूप है।
गुरुदेव महाराज से भेंट और आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव महाराज से भेंट कर उनका अमृत प्रवचन सुना। संत उमाकांत महाराज ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया। मोहन यादव ने सनातन धर्म की मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 84 लाख योनियों के बाद मिले मानव जीवन को सही मार्ग पर चलाने की शिक्षा संतों से मिलती है, जिसे सरकार नीतिगत स्तर पर लागू करने का प्रयास करती है।
आगे की राह
सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को मेट्रो सिटी का दर्जा देने की समयसीमा तय होने से शहर के विकास की गति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी। बुनियादी ढाँचे, परिवहन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की ठोस कार्ययोजना सामने आने पर ही इस घोषणा की व्यावहारिकता स्पष्ट होगी।