उमेश सिंह कुशवाहा बने बिहार जदयू अध्यक्ष, तीसरी बार मिली जिम्मेदारी

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उमेश सिंह कुशवाहा बने बिहार जदयू अध्यक्ष, तीसरी बार मिली जिम्मेदारी

सारांश

उमेश सिंह कुशवाहा ने तीसरी बार बिहार जदयू अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली है। यह उनका नया कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हो रहा है, जब बिहार की राजनीति में तेजी से बदलाव आ रहे हैं।

Key Takeaways

  • उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार जदयू अध्यक्ष चुना गया।
  • उनका चुनाव सभी के लिए निर्विरोध था।
  • जदयू का प्रमुख आधार 'लव-कुश' सामाजिक गठबंधन है।
  • कुशवाहा की वफादारी नीतीश कुमार के प्रति जदयू को मजबूत बनाती है।
  • उनका नेतृत्व बिहार की राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

पटना, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के संगठनात्मक चुनावों के तहत वैशाली जिले के महनार से विधायक उमेश सिंह कुशवाहा को लगातार तीसरी बार पार्टी की बिहार इकाई का अध्यक्ष चुन लिया गया है।

कुशवाहा ने शुक्रवार को इस पद के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत किया और अन्य किसी उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र न दाखिल करने के कारण वे निर्विरोध चुने गए।

उनके चुनाव की औपचारिक घोषणा शाम 4 बजे की गई।

कुशवाहा ने राज्य चुनाव अधिकारियों अशोक कुमार 'मुन्ना' और परमहंस कुमार के समक्ष अपना नामांकन भरा।

इस प्रक्रिया में जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

प्रस्तावकों में बिहार के मंत्री लेशी सिंह, पूर्व मंत्री और विधायक रत्नेश सदा, पूर्व मंत्री और विधायक शीला मंडल, और पूनम सिन्हा शामिल थे।

कार्यक्रम में जदयू के अन्य प्रमुख नेताओं में राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, मंत्री श्रवण कुमार, और बिहार विधान परिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह शामिल थे।

उमेश सिंह कुशवाहा पिछले पांच वर्षों से बिहार में जदयू संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे विश्वसनीय नेताओं में माना जाता है।

उन्हें पहली बार 2021 में वशिष्ठ नारायण सिंह के स्थान पर राज्य जदयू अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और तब से वे इस पद पर बने हुए हैं।

जदयू का मुख्य राजनीतिक आधार परंपरागत रूप से 'लव-कुश' सामाजिक गठबंधन है, जिसमें कुर्मी और कोइरी समुदाय शामिल हैं।

कोइरी समुदाय से संबंध रखने वाले कुशवाहा को इस राजनीतिक समीकरण में 'कुश' पक्ष को मजबूत करने वाले नेता के रूप में देखा जा रहा है।

उपेंद्र कुशवाहा जैसे प्रमुख कोइरी नेताओं के जदयू छोड़ने के बावजूद, कुशवाहा नीतीश कुमार के प्रति वफादार बने रहे, जिससे उनकी स्थिति पार्टी नेतृत्व में और मजबूत हुई।

कुशवाहा ने 2015 और 2025 में महनार विधानसभा सीट जीती, हालांकि वे 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में हार गए थे।

हार के बावजूद, नीतीश कुमार ने कुशवाहा पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें राज्य में पार्टी संगठन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी।

राज्य जदयू अध्यक्ष के रूप में उनका पुनः चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं।

Point of View

NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

उमेश सिंह कुशवाहा कब से जदयू के अध्यक्ष हैं?
उमेश सिंह कुशवाहा पहली बार 2021 में जदयू के अध्यक्ष नियुक्त हुए थे।
कुशवाहा ने किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता?
कुशवाहा ने महनार विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं।
क्या कुशवाहा की अध्यक्षता में जदयू की स्थिति मजबूत होगी?
हां, कुशवाहा की अनुभव और वफादारी से जदयू की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
उमेश सिंह कुशवाहा का राजनीतिक समीकरण क्या है?
उमेश कुशवाहा को कोइरी समुदाय के एक प्रमुख नेता के रूप में देखा जाता है।
जदयू का मुख्य राजनीतिक आधार क्या है?
जदयू का मुख्य राजनीतिक आधार 'लव-कुश' सामाजिक गठबंधन है।
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