उन्नाव मुठभेड़: ट्रक लूट का मास्टरमाइंड छुट्टन चौधरी गोली लगने के बाद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उन्नाव पुलिस ने 29-30 मई 2026 की देर रात मुठभेड़ के बाद ट्रक लूट कांड के मास्टरमाइंड छुट्टन चौधरी, निवासी मोतिहारी, बिहार, को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में छुट्टन के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे सीएचसी नवाबगंज में भर्ती कराया गया। यह गिरफ्तारी 25 मई की रात हुई ट्रक लूट की घटना की जाँच में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मूल घटना: कैसे हुई ट्रक लूट
कानपुर निवासी राजेश कुमार गुप्ता ने 26 मई को थाना अजगैन में सूचना दी कि उनके ट्रक चालक नीरज कुमार, निवासी फतेहपुर, ने 25 मई की रात 11 बजे माल लोड करके आशाखेड़ा, थाना सोहरामऊ से कानपुर के लिए प्रस्थान किया था। रात 12.30 बजे ट्रक टोल प्लाजा से निकला, जिसे गुप्ता जीपीएस से ट्रैक कर रहे थे।
करीब एक घंटे बाद जीपीएस में ट्रक लखनऊ की ओर वापस जाता दिखा। गुप्ता स्वयं कार से ट्रक की तलाश में निकले। टोल प्लाजा के पास पहुँचने पर चालक नीरज कुमार घायल अवस्था में मिला, लेकिन ट्रक वहाँ नहीं था।
पुलिस जाँच और पहली गिरफ्तारियाँ
तहरीर के आधार पर थाना अजगैन में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने कुशीनगर के कसया से लूटा हुआ माल और कंटेनर बरामद किया तथा चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी विकास ने पूछताछ में खुलासा किया कि इस लूट का मास्टरमाइंड उसका साथी छुट्टन है, जो दोबारा गोदरेज के वेयरहाउस को लूटने की योजना बनाकर निकला था।
मुठभेड़ और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
29-30 मई की देर रात करीब तीन बजे एसओजी, थाना अजगैन व सर्विलांस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सामने, गुरुद्वारा रोड, नवाबगंज में एक संदिग्ध व्यक्ति वारदात की फिराक में है।
स्वॉट, सर्विलांस और पुलिस टीम ने संदिग्ध को घेरा। घेराबंदी देख बदमाश ने पुलिस पर फायर किया। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। पूछताछ में उसने अपना नाम छुट्टन चौधरी बताया और थाना अजगैन में दर्ज मुकदमे से जुड़ी लूट की घटना स्वीकार की।
बरामदगी और वर्तमान स्थिति
पुलिस ने छुट्टन के पास से एक तमंचा 315 बोर और दो कारतूस बरामद किए हैं। क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर सिंह ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। घायल आरोपी को सीएचसी नवाबगंज में उपचार के लिए भेजा गया है, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी अंतर-राज्यीय आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करती है — मास्टरमाइंड बिहार का निवासी है जबकि वारदात उत्तर प्रदेश में हुई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित आगामी लूट की योजनाओं की जाँच कर रही है।