यूपी: CM योगी ने ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति दी, 4.60 लाख छात्रों के खातों में सीधे पहुँची राशि
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं को 3 अक्टूबर 2026 को बड़ी आर्थिक राहत मिली, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी। यह राशि अल्प आय वर्ग के कक्षा 9 और 10 के साथ-साथ उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत छात्रों को शिक्षा जारी रखने में सहायता देने के उद्देश्य से वितरित की गई।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर उपस्थित 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र प्रदान किए। प्रमाणपत्र पाने वाले विद्यार्थियों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र पाकर इन विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह साफ़ दिखा।
वर्गवार लाभार्थी और राशि का विवरण
इस वितरण का सबसे अधिक लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों को मिला। OBC के 2,23,615 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹60.01 करोड़ की राशि अंतरित की गई, जबकि अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई।
सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹12.06 करोड़ की धनराशि पहुँचाई गई। पूर्वदशम (कक्षा 9 व 10) और दशमोत्तर कक्षाओं, दोनों के विद्यार्थियों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।
पारदर्शी वितरण प्रणाली
सरकार ने छात्रवृत्ति आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली और आधार आधारित पैकेट सिस्टम लागू होने से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। इससे पात्र विद्यार्थियों को बिना किसी दौड़-भाग के योजना का लाभ सीधे मिल रहा है।
वार्षिक उपलब्धि
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की है। यह आँकड़ा राज्य के शिक्षा समर्थन कार्यक्रम की व्यापकता को दर्शाता है।
आगे की राह
राज्य सरकार का कहना है कि आर्थिक अभाव को किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने देना उसकी प्राथमिकता है। सरकार प्रक्रिया को और सरल बनाकर प्रत्येक पात्र छात्र तक योजना का लाभ पहुँचाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ेगी।