3 अक्टूबर 2026
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CM योगी का बड़ा आरोप: 2017 से पहले SC/ST छात्रों की छात्रवृत्ति भी हड़प गई थी पूर्ववर्ती सरकार

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CM योगी का बड़ा आरोप: 2017 से पहले SC/ST छात्रों की छात्रवृत्ति भी हड़प गई थी पूर्ववर्ती सरकार

सारांश

CM योगी आदित्यनाथ ने एक क्लिक में ₹148 करोड़ सीधे 4.60 लाख छात्रों के खातों में भेजे और पूर्व सरकार पर 2017 से पहले SC/ST छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप लगाया। इस वर्ष का लक्ष्य 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुँचना है — 2017 से पहले के खर्च का दोगुना से भी अधिक।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 3 अक्टूबर 2026 को 4,60,559 छात्रों के खातों में एक क्लिक से ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति DBT के जरिए भेजी।
पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप — 2016-17 में SC/ST विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक नहीं पहुँचाई गई।
इस वर्ष लक्ष्य 70 लाख विद्यार्थी ; पिछले वर्ष 69 लाख को ₹6,200 करोड़ दिए गए, जो 2017 से पहले के ₹2,900 करोड़ से दोगुना।
तकनीकी त्रुटि से वंचित रहे करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी इस बार लाभ दिया जाएगा; 26 जनवरी की समयसीमा तय।
2,23,615 पिछड़ा वर्ग और 36.75 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को 2025-26 में छात्रवृत्ति दी गई।
प्रदेश में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी; अगले 6 महीनों में 1 लाख और देने का लक्ष्य।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाया कि 2016-17 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक उन तक नहीं पहुँचाई गई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार छात्रों का छात्रवृत्ति का पैसा भी हड़प गई थी, जो उनके अनुसार एक गंभीर सामाजिक अन्याय था।

एक क्लिक में ₹148 करोड़ सीधे खातों में

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक क्लिक के माध्यम से 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की धनराशि सीधे हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और इस वर्ष 70 लाख विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को ₹6,200 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई थी, जबकि 2017 से पहले इस मद में मात्र ₹2,900 करोड़ खर्च होते थे। योगी ने कहा, 'पहले बाबूगिरी में छात्रवृत्ति पर सेंध लगती थी, अब डीबीटी से पूरा पैसा सीधे छात्र के खाते में पहुँच रहा है।'

पिछले वर्ष वंचित रहे चार लाख छात्रों को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पिछले वर्ष आवेदन या तकनीकी त्रुटि के कारण वंचित रहे करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी इस बार लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र विद्यार्थियों तक 26 जनवरी तक हर हाल में छात्रवृत्ति पहुँचाई जाए।

योगी ने विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि छात्रवृत्ति की राशि फिजूल न खर्च करें, बल्कि अच्छी किताबें खरीदकर अपना बुक बैंक तैयार करें।

शिक्षा में सुधार और ड्रॉपआउट में कमी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 19 से 20 प्रतिशत तक थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है।

सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 18 हजार श्रमिक एवं निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं।

रोजगार, टैबलेट और स्कूटी योजनाएँ

योगी ने कहा कि प्रदेश में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट देने के लक्ष्य में से 60 लाख को टैबलेट मिल चुके हैं, और अगले महीने मेधावी बेटियों को 50 हजार स्कूटी देने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक ₹25,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज 15 से 18 वर्ष के विद्यार्थी 2047 में देश की कामकाजी शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं पर निवेश को देश पर निवेश मानते हैं। राज्यमंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि आज के 4,60,559 लाभार्थियों में 2,23,615 पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी हैं और वर्ष 2025-26 में 36.75 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए ज्ञापन देना पड़ता था, अब समय पर लाभ मिल रहा है।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हैं और सामाजिक न्याय के मुद्दे चुनावी विमर्श में केंद्रीय बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹2,900 करोड़ से ₹6,200 करोड़ तक की वृद्धि के आँकड़े स्वयं बोलते हैं — बशर्ते इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो। असली परीक्षा यह है कि क्या 70 लाख लाभार्थियों का इस वर्ष का लक्ष्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा होगा, क्योंकि पिछले वर्ष भी चार लाख पात्र छात्र तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गए थे। DBT प्रणाली भ्रष्टाचार घटाने का प्रभावी साधन है, परंतु प्रवेश-स्तर की तकनीकी बाधाएँ दूर न हों तो वंचित वर्ग के छात्र ही सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने पूर्व सरकार पर क्या आरोप लगाया?
CM योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2016-17 में पूर्ववर्ती सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उन तक नहीं पहुँचाई और यह राशि हड़प ली गई। उनके अनुसार 2017 में सरकार बनने के बाद बकाया छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों को दिलाई गई।
इस बार कितने छात्रों को कितनी छात्रवृत्ति मिली?
3 अक्टूबर 2026 को लोकभवन कार्यक्रम में CM योगी ने एक क्लिक से 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की राशि सीधे DBT के माध्यम से हस्तांतरित की। इस वर्ष कुल 70 लाख विद्यार्थियों तक लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है।
पिछले वर्ष छात्रवृत्ति से वंचित रहे छात्रों का क्या होगा?
पिछले वर्ष आवेदन या तकनीकी त्रुटि के कारण वंचित रहे करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी इस बार अभियान चलाकर लाभ दिया जा रहा है। CM ने 26 जनवरी तक सभी पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति पहुँचाने के निर्देश दिए हैं।
2017 से पहले और बाद में छात्रवृत्ति खर्च में क्या अंतर है?
CM योगी के अनुसार 2017 से पहले छात्रवृत्ति मद में करीब ₹2,900 करोड़ खर्च होते थे, जबकि पिछले वर्ष यह राशि बढ़कर ₹6,200 करोड़ हो गई और 69 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला। यह वृद्धि दोगुने से भी अधिक है।
OBC और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को कितना लाभ मिला?
वर्ष 2025-26 में 36.75 लाख OBC विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई और आज के 4,60,559 लाभार्थियों में 2,23,615 पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी हैं। नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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