योगी सरकार की शादी अनुदान योजना: OBC परिवारों को ₹29.43 करोड़ जारी, 14,717 बेटियों को मिला लाभ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही रफ्तार पकड़ चुकी है — आर्थिक रूप से कमज़ोर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14,717 परिवारों के बैंक खातों में ₹29.43 करोड़ की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो योजना के प्रति बढ़ते जनविश्वास का संकेत माना जा रहा है।
योजना का ढाँचा और पात्रता
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र OBC परिवार को बेटी के विवाह पर ₹20,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है। लाभ के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य शर्त है।
भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह पारदर्शी व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में वितरण को अधिक जवाबदेह बनाती है।
प्राथमिकता किसे
योजना में दिव्यांग, विधवा, भूमिहीन तथा दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि सबसे अधिक ज़रूरतमंद परिवारों तक सहायता पहले पहुँच सके। यह प्राथमिकता-क्रम योजना को सार्वभौमिक लाभ से अलग करता है और इसे लक्षित सामाजिक सुरक्षा का रूप देता है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना गरीब और ज़रूरतमंद OBC परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि विभाग पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध करा रहा है। उनके अनुसार, राज्य सरकार पिछड़े वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
वार्षिक लक्ष्य और आगे की राह
राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.05 लाख पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 14,717 परिवारों को लाभ मिल चुका है, यानी वार्षिक लक्ष्य का लगभग 14% शुरुआती महीनों में ही पूरा हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में OBC वर्ग की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की बहस तेज़ है। शेष लाभार्थियों तक पहुँचने के लिए विभाग जागरूकता अभियान और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है।