यूपी में कांग्रेस-सपा की जुबानी जंग: अजय राय के 'बरगद' बयान पर सपा प्रवक्ता का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच 10 जून को खुलकर बयानबाज़ी शुरू हो गई, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कांग्रेस को 'बरगद का पेड़' बताते हुए क्षेत्रीय दलों को उसकी छाया में आने की नसीहत दी। इस बयान पर सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने तत्काल पलटवार किया। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब इंडिया ब्लॉक दिल्ली में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
अजय राय का 'बरगद' वाला बयान
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस बरगद का पेड़ है, जिसे कोई न उखाड़ सकता है और न कमज़ोर कर सकता है। उनका कहना था कि क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस का साथ देना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ही उन्हें छाया दे सकती है। गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की सीट-बँटवारे पर अभी कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी है।
सपा का पलटवार
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि अजय राय जो भी कह रहे हैं, वह उनके निजी विचार हैं और कांग्रेस की अपनी आंतरिक समस्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है और बैठक में बड़े नेताओं के बीच जो बातें हुईं, वे अधिक महत्वपूर्ण हैं। उदयवीर सिंह ने कहा, 'उसी बातचीत के हिसाब से आगे की रणनीति तय की जाएगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं को नियमों का पालन करना होगा और वे 'इधर-उधर की बातचीत' में विश्वास नहीं रखते।
यूपी की कानून-व्यवस्था पर निशाना
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने आँकड़ों के अनुसार रोज़ाना पुलिस पर हमले हो रहे हैं और प्रदेश में अपराध जारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि अपराधी प्रदेश छोड़ दें। उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि 'अपराधी भाजपा में शामिल हो गए हैं, जहाँ उन्हें संरक्षण मिल रहा है।' यह आरोप भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अब तक अस्वीकृत हैं।
एनकाउंटर नीति पर सवाल
उदयवीर सिंह ने यह भी कहा कि जब कानून-व्यवस्था पर दबाव पड़ता है तो किसी गरीब का एनकाउंटर कर दिया जाता है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि यदि कानून-व्यवस्था ठीक है, तो अपराध कम करके दिखाएँ और जनता को वास्तविक सुरक्षा प्रदान करें।
इंडिया ब्लॉक की एकता पर सवालिया निशान
यह ऐसे समय में हुआ है जब इंडिया ब्लॉक की दिल्ली बैठक में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की जा रही थी। आलोचकों का कहना है कि यूपी जैसे बड़े राज्य में सहयोगी दलों के बीच सार्वजनिक विवाद विपक्षी गठबंधन की रणनीति को कमज़ोर कर सकता है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीट-बँटवारे की बातचीत और पार्टी नेताओं के बयानों पर सभी की नज़र बनी रहेगी।