14 सितंबर 2026
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प्रयागराज में 'यूपी डायलॉग-चैप्टर 2': 200 से अधिक युवाओं ने यूपी के एक दशक के विकास पर किया मंथन

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प्रयागराज में 'यूपी डायलॉग-चैप्टर 2': 200 से अधिक युवाओं ने यूपी के एक दशक के विकास पर किया मंथन

सारांश

प्रयागराज में 'यूपी डायलॉग-चैप्टर 2' सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था — यह उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलावों पर युवाओं की आवाज़ को मंच देने की कोशिश थी। 200 से अधिक प्रतिभागियों के साथ कानून, अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन पर खुला संवाद हुआ।

मुख्य बातें

प्रयागराज में 13 सितंबर 2026 को 'यूपी डायलॉग - चैप्टर 2' का आयोजन किया गया।
'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने भाग लिया।
चर्चा के केंद्र में 'यूपी डिकेड' — यानी उत्तर प्रदेश के पिछले एक दशक का विकास, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोज़गार और धार्मिक पर्यटन रहे।
वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह , अरुणेश सिंह और प्रो.
राजेश कुमार गर्ग ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में युवाओं से संवाद किया।
कार्यक्रम को दो सत्रों में बाँटा गया — विशेषज्ञ व्याख्यान और युवाओं के साथ खुला प्रश्नोत्तर।
'यूपी डायलॉग' श्रृंखला को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, अगला चरण भी प्रस्तावित है।

प्रयागराज में 13 सितंबर 2026 को 'यूपी डायलॉग - चैप्टर 2' का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने उत्तर प्रदेश के पिछले एक दशक की विकास यात्रा पर गहन विचार-विमर्श किया। 'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोज़गार और धार्मिक पर्यटन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य और स्वरूप

आयोजकों के अनुसार, 'यूपी डायलॉग' एक निरंतर संवाद श्रृंखला है, जिसका मकसद युवाओं को उत्तर प्रदेश की विकास प्रक्रिया से जोड़ना और नीति, विकास तथा समाज से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक बहस को आगे बढ़ाना है। प्रयागराज में आयोजित 'चैप्टर 2' इसी श्रृंखला की अगली कड़ी था, जिसमें 'यूपी डिकेड' यानी राज्य के गत दशक के बदलावों को केंद्र में रखा गया।

पूरे कार्यक्रम को दो प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में आमंत्रित विशेषज्ञों और वक्ताओं ने अपने-अपने विषयों पर विचार प्रस्तुत किए, जबकि दूसरा सत्र युवाओं के साथ खुले प्रश्नोत्तर और संवाद के लिए समर्पित रहा।

विशेषज्ञों के प्रमुख वक्तव्य

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने कानून एवं न्याय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुरक्षित और सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका बड़ा लाभ युवा वर्ग को मिल रहा है और युवाओं को सामाजिक व सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

अरुणेश सिंह ने अर्थशास्त्र, वित्त और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उभर रही संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने बदलती अर्थव्यवस्था के बीच खुल रहे नए द्वारों का उल्लेख किया। प्रो. राजेश कुमार गर्ग ने भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदेश की विकास प्रक्रिया में युवा केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार भी हैं।

धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास पर विशेष चर्चा

संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते दायरे पर विशेष ध्यान दिया गया। वक्ताओं ने राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार के अवसरों से जोड़कर देखा। यह ऐसे समय में आया है जब प्रयागराज महाकुंभ के बाद एक प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है। गौरतलब है कि राज्य में धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढाँचे में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय निवेश हुआ है।

युवाओं की सहभागिता और प्रश्नोत्तर सत्र

प्रतिभागियों ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोज़गार, अर्थव्यवस्था और प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे और अपने सुझाव भी विशेषज्ञों के सामने रखे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे केवल वक्ताओं के एकतरफा संबोधन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि युवाओं की सक्रिय और द्विपक्षीय भागीदारी को केंद्र में रखा गया।

आगे क्या

'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' के अनुसार, 'यूपी डायलॉग' श्रृंखला को आगे भी जारी रखा जाएगा, जिसमें युवाओं, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। इस श्रृंखला का अगला चरण भी जल्द ही आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन संवाद सत्रों से निकले सुझाव और माँगें नीति-निर्माण तक कैसे पहुँचती हैं। कार्यक्रम में चर्चा के विषय — रोज़गार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था — वे मुद्दे हैं जिन पर उत्तर प्रदेश के युवा वास्तविक उत्तर चाहते हैं, न केवल मंच पर वार्तालाप। यदि 'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' इस श्रृंखला को सिर्फ आयोजन तक न रखकर एक फीडबैक-लूप में बदले, तो यह पहल सार्थक साबित हो सकती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'यूपी डायलॉग - चैप्टर 2' क्या था?
यह 'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' द्वारा 13 सितंबर 2026 को प्रयागराज में आयोजित एक युवा संवाद कार्यक्रम था, जिसमें उत्तर प्रदेश के पिछले एक दशक के विकास पर चर्चा हुई। इसमें 200 से अधिक युवाओं ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया।
कार्यक्रम में किन विषयों पर चर्चा हुई?
कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोज़गार के अवसर और धार्मिक पर्यटन पर विस्तार से संवाद हुआ। 'यूपी डिकेड' को केंद्र में रखकर राज्य के सामाजिक-आर्थिक बदलावों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' कौन सा संगठन है?
'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' वह संगठन है जिसने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य युवाओं को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ना और नीति व समाज से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक संवाद को आगे बढ़ाना बताया गया है।
कार्यक्रम में कौन-कौन से विशेषज्ञ शामिल हुए?
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने कानून एवं न्याय, अरुणेश सिंह ने अर्थशास्त्र, वित्त और शिक्षा, तथा प्रो. राजेश कुमार गर्ग ने युवाओं को प्रेरित करने पर अपने विचार रखे।
क्या 'यूपी डायलॉग' के आगे और कार्यक्रम होंगे?
आयोजकों के अनुसार, 'यूपी डायलॉग' एक निरंतर संवाद श्रृंखला है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रयागराज में 'चैप्टर 2' इस श्रृंखला की अगली कड़ी था, और आगामी चरण भी प्रस्तावित बताए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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