देवीपाटन मंडल में 1 लाख विद्यार्थियों को 'शिक्षा की उड़ान' के तहत स्टडी टेबल, बच्चों ने CM योगी को लिखे भावुक पत्र
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर चलाए गए 'शिक्षा की उड़ान' स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत 1 लाख विद्यार्थियों को स्टडी टेबल प्रदान की गई है। 27 सितंबर 2026 को सामने आई इन जानकारियों के अनुसार, इस अभियान ने ग्रामीण परिवेश के बच्चों को घर पर पढ़ाई का अपना कोना उपलब्ध कराया है। अनुपम बात यह रही कि लाभार्थी बच्चों ने मुख्यमंत्री को हाथ से लिखे रचनात्मक पत्र और पोस्टर भेजकर अपना आभार जताया।
अभियान का विस्तार और लक्ष्यपूर्ति
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में 1 लाख स्टडी टेबल वितरित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया। जिलेवार वितरण में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया।
यह अभियान सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की समस्त छात्राओं को भी लाभान्वित करता है। नागपाल ने स्पष्ट किया कि इसे एक सतत अभियान के रूप में डिज़ाइन किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलता रहे।
बच्चों के भावुक आभार पत्र
स्टडी टेबल पाने वाली स्वाति ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र को फूलों से सजाया और उसमें स्टडी टेबल, किताब तथा पेंसिल का चित्र बनाया। उसने लिखा कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और दी गई सामग्री का नियमित उपयोग करती है।
कक्षा छह की छात्रा सबा ने अपने पत्र में बताया कि पहले घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी और पीठ में दर्द भी रहता था। स्टडी टेबल मिलने के बाद यह समस्या दूर हो गई। सबा ने पत्र में 'सब पढ़ें-सब बढ़ें' का संदेश लिखा।
कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने नीले चार्ट पेपर पर 'आभार पत्र' तैयार किया, जिसमें उसने बताया कि स्टडी टेबल से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ी है और गृहकार्य तथा पाठ-दोहराने में काफी सुविधा हो गई है। रंगीन पेंसिलों से पढ़ती छात्रा का चित्र बनाकर उसने अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
रचनात्मक पोस्टरों से जताया आभार
बच्चों का आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहा। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चित्र बनाकर दोनों ओर 'बेटी बचाओ' और 'बेटी पढ़ाओ' लिखा। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते हुए दर्शाया गया और लिखा गया — 'बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।'
एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में 'थैंक यू' लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया। ये पत्र और पोस्टर इस बात के जीवंत दस्तावेज़ हैं कि एक छोटी सी सुविधा बच्चों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है।
अभियान का उद्देश्य और आगे की राह
मंडलायुक्त नागपाल के अनुसार, 'शिक्षा की उड़ान' अभियान का मुख्य उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करना और सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश के उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके घरों में अध्ययन के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होता। गौरतलब है कि देवीपाटन मंडल के ये चारों जिले — बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती — शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते हैं, और इस तरह की पहल वहाँ के बच्चों के लिए विशेष मायने रखती है। अभियान को सतत रूप दिए जाने की योजना है, जिससे आने वाले वर्षों में और अधिक मेधावी विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।