21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुलिस स्मृति दिवस 2026: यूपी पुलिस की लघु फिल्म 'वर्दी' में शहीद सुनील कुमार की शौर्यगाथा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुलिस स्मृति दिवस 2026: यूपी पुलिस की लघु फिल्म 'वर्दी' में शहीद सुनील कुमार की शौर्यगाथा

सारांश

'वर्दी' सिर्फ एक लघु फिल्म नहीं — यह उस खालीपन की दास्तान है जो एक शहीद के घर में रह जाता है। पुलिस स्मृति दिवस 2026 पर यूपी पुलिस ने तिग्मांशु धूलिया की निर्देशनी में कीर्ति चक्र विजेता शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की शौर्यगाथा को परदे पर उतारा है — बलिदान के गर्व और अपनों की अनुपस्थिति की पीड़ा, दोनों को एक साथ।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस, 21 अक्टूबर 2026 पर लघु फिल्म 'वर्दी' रिलीज की।
फिल्म कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद यूपी एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार के बलिदान पर केंद्रित है, जो 22 जनवरी 2025 को शामली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए।
मुठभेड़ में घायल होने के बावजूद सुनील कुमार ने टीम का नेतृत्व किया; कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद सहित चार बदमाश मारे गए।
फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया; अभिनेता अमित साध , अलका अमीन और नाजिश खान प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
फिल्म पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से निर्मित है; शूटिंग मुंबई में हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अक्टूबर को शहीद की पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस 2026 के अवसर पर 21 अक्टूबर को 'वर्दी' शीर्षक से एक विशेष लघु फिल्म रिलीज की है, जो कर्तव्यपालन के दौरान प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और उनके परिवारों की भावनात्मक पीड़ा को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में निर्मित यह फिल्म शहीदों की कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ उनके परिजनों के मौन संघर्ष को भी दर्शाती है।

फिल्म का केंद्र: शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की शौर्यगाथा

फिल्म में विशेष रूप से कीर्ति चक्र से सम्मानित यूपी एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के अदम्य साहस और बलिदान को रेखांकित किया गया है। 20-21 जनवरी 2025 की मध्यरात्रि को शामली में मुकीम काला गैंग के बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद उन्होंने एसटीएफ टीम का नेतृत्व जारी रखा। उनके नेतृत्व में की गई जवाबी कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद सहित चार बदमाश मारे गए।

मुठभेड़ में लगी गोलियों के कारण निरीक्षक सुनील कुमार 22 जनवरी 2025 को वीरगति को प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अक्टूबर को स्व. सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया था।

फिल्म का भावनात्मक संदेश

फिल्म यह संदेश देती है कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के बलिदान पर उनके परिवारों को गर्व होता है, किंतु अपनों की अनुपस्थिति से उपजा खालीपन और पीड़ा भी उनके जीवन का हिस्सा बन जाती है। फिल्म शहीद परिवारों के उस मौन इंतजार और भावनात्मक संघर्ष को सामने लाती है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना प्रायः कठिन होता है।

निर्देशन और कलाकार

फिल्म का निर्देशन फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात निर्देशक, लेखक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने किया है। उनकी निर्देशित फिल्म 'पान सिंह तोमर' को 60वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिल चुका है।

फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अमित साध, वरिष्ठ टेलीविजन अभिनेत्री अलका अमीन और नाजिश खान ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई हैं। अलका अमीन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की पूर्व छात्रा हैं और 'बधाई हो' जैसी फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय के लिए जानी जाती हैं। फिल्म का वॉयस ओवर और स्क्रिप्ट यूपी पुलिस सोशल मीडिया सेंटर में नियुक्त आरक्षी कपिल दिनकर ने तैयार किया है।

निर्माण और प्रसारण

फिल्म का क्रिएटिव डायरेक्शन पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने किया है। इसकी शूटिंग मुंबई में हुई और निर्माण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया गया है। फिल्म को उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया है।

व्यापक संदर्भ और महत्त्व

गौरतलब है कि पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है — उन पुलिसकर्मियों की स्मृति में जिन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में अपने प्राण गँवाए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इस वर्ष व्यावसायिक फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के सहयोग से बनाई गई 'वर्दी' इस परंपरा को एक नया आयाम देती है। यह ऐसे समय में आई है जब पुलिस बल के जवानों के मनोबल और उनके परिवारों के पुनर्वास की बात राष्ट्रीय विमर्श में अधिक ध्यान पा रही है।

इस फिल्म के माध्यम से यूपी पुलिस ने वीर शहीदों की गाथा जन-जन तक पहुँचाने के साथ पुलिस बल के जवानों को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि शहीद परिवारों के लिए दीर्घकालिक पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के तंत्र कितने मज़बूत हैं — फिल्म उनकी पीड़ा दिखाती है, लेकिन नीतिगत जवाबदेही पर चर्चा वहीं रुक जाती है। 'वर्दी' जैसी पहलें तब अधिक अर्थपूर्ण बनेंगी जब इन्हें शहीद परिवारों के ठोस कल्याण परिणामों से जोड़कर देखा जाए, न केवल भावनात्मक श्रद्धांजलि के रूप में।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी पुलिस की लघु फिल्म 'वर्दी' क्या है?
'वर्दी' उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस स्मृति दिवस 2026 पर रिलीज की गई एक विशेष लघु फिल्म है, जो शहीद पुलिसकर्मियों के साहस और उनके परिवारों की भावनात्मक पीड़ा को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है। इसमें विशेष रूप से कीर्ति चक्र विजेता शहीद एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार की शौर्यगाथा को केंद्र में रखा गया है।
शहीद निरीक्षक सुनील कुमार कौन थे और उन्हें कीर्ति चक्र क्यों मिला?
निरीक्षक सुनील कुमार उत्तर प्रदेश एसटीएफ के जवान थे जिन्होंने 20-21 जनवरी 2025 की मध्यरात्रि को शामली में मुकीम काला गैंग के खिलाफ मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद टीम का नेतृत्व किया और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरशद सहित चार बदमाशों को मार गिराया। 22 जनवरी 2025 को वीरगति प्राप्त करने के बाद उनकी असाधारण वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
फिल्म 'वर्दी' का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित तिग्मांशु धूलिया ने किया है, जो 'पान सिंह तोमर' (60वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म), 'हासिल' और 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
फिल्म में कौन-से अभिनेता हैं और इसे कहाँ देखा जा सकता है?
फिल्म में अमित साध, अलका अमीन और नाजिश खान ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई हैं। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया है।
पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?
पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है जिन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में अपने प्राण गँवाए थे। इस अवसर पर देशभर में कर्तव्यपालन के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 13 घंटे पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले