भोजपुर मुठभेड़ वीडियो वायरल: बिहार में SHO समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलाउंटी गाँव में हुई एक पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 18 जून 2026 को विभागीय जाँच शुरू की गई और तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वायरल वीडियो में कथित आरोपी भरत भूषण तिवारी को पुलिस टीम के सामने खुलेआम पिस्तौल लहराते और धमकाते हुए देखा गया, जिसने पुलिस की तैयारी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को सूचना मिली थी कि भरत भूषण तिवारी अवैध हथियार रखता है और उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करता है। इसी सूचना के आधार पर शाहपुर थाने की पुलिस टीम बिलाउंटी गाँव पहुँची, लेकिन मौके पर स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। ऑपरेशन के दौरान का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों को चुनौती देता नज़र आया।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। विभागीय जाँच में पाया गया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी इतने संवेदनशील और जोखिमपूर्ण हालात में अपेक्षित सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दिखा सके।
निलंबन की कार्रवाई
शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने भोजपुर एसपी राज के प्रस्ताव पर शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रारंभिक जाँच में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। इसके अलावा मौके पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को भी निलंबित किया गया है।
एनकाउंटर और आरोपी की मौत
वायरल वीडियो प्रकरण के बाद के घटनाक्रम में भरत भूषण तिवारी से जुड़ा एक पुलिस एनकाउंटर भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें तिवारी गोली लगने से घायल हो गया। उसे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि एनकाउंटर इस पूरे मामले का अहम पहलू है, लेकिन फिलहाल विभागीय जाँच और जनचर्चा का केंद्र वायरल वीडियो तथा पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल बने हुए हैं।
पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार पुलिस की परिचालन तैयारी और फील्ड-स्तरीय अनुशासन पर पहले से ही बहस जारी है। एक सशस्त्र संदिग्ध को खुलेआम पुलिस टीम को धमकाते दिखाने वाला वीडियो — और टीम की निष्क्रिय प्रतिक्रिया — ने प्रशिक्षण एवं प्रोटोकॉल पालन को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
आगे की जाँच
संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है। जाँच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। एनकाउंटर की परिस्थितियों की भी अलग से समीक्षा किए जाने की संभावना है।