भरत भूषण तिवारी मुठभेड़: डीआईजी शाहाबाद करेंगे जांच, 5 पुलिसकर्मी निलंबित; NEET में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने सोमवार, 22 जून 2026 को पटना में एक प्रेस वार्ता में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को पुलिस मुख्यालय की ओर से अधिकृत किए जाने की घोषणा की। साथ ही, NEET पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय में सक्रिय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश होने और 29 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई।
मुठभेड़ जांच का ढांचा
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में दो प्राथमिकियाँ दर्ज की गई हैं — कांड संख्या 169/26 और 170/26। जांच में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) सहित सभी वैज्ञानिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है।
प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद एक थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल — कुल पाँच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि 16 जून को पहली कार्रवाई के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी अभियुक्त को समय रहते नियंत्रित करने में विफल रहे।
कथित स्टिंग और मुठभेड़ पर पुलिस का रुख
मुठभेड़ से जुड़े सवालों और कथित स्टिंग ऑपरेशन पर एडीजी ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायिक जांच के अधीन होने के कारण पुलिस की ओर से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 'पुलिस मुठभेड़ को कभी उपलब्धि नहीं मानती', लेकिन आत्मरक्षा की स्थिति में कानून पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का अधिकार देता है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
NEET पुनर्परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़
बिहार पुलिस ने NEET पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय में सक्रिय एक सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन परीक्षा केंद्रों से 9 डमी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त, एक मूल अभ्यर्थी संजीव कुमार और गया मेडिकल कॉलेज से जुड़े अर्पित राज को भी हिरासत में लिया गया है — अर्पित राज पर पूरे नेटवर्क के संचालन का आरोप है।
बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप में आउटसोर्स एजेंसी से जुड़े 18 कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इन कर्मियों की मिलीभगत से डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया। कवैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और मामले की सूचना राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सहित सभी संबंधित संस्थाओं को भेज दी गई है।
अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हमला
गोपालगंज में अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर हुए हमले के मामले में एडीजी ने बताया कि यह घटना जमीन विवाद के कारण हुई, जिसमें कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
आगे क्या होगा
शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी की अगुवाई में मुठभेड़ की वैज्ञानिक जांच और न्यायिक आयोग की समानांतर प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि 16 जून की घटना में प्रक्रियागत चूक किस स्तर पर हुई। NEET मामले में पुलिस पूरे सॉल्वर नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है, और NTA के साथ समन्वय से आगे की कार्रवाई तय होगी।