यूपी में SHG महिला उद्यमियों को IIM लखनऊ का सहारा, UPSRLM इन्क्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 अगस्त 2026 को ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिला उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। यह सेंटर IIM लखनऊ के तकनीकी सहयोग से संचालित होगा और ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को व्यवस्थित, विस्तारयोग्य व्यवसायों में बदलने का काम करेगा।
इन्क्यूबेशन सेंटर में क्या मिलेगा
इस सेंटर के माध्यम से महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान निर्माण, उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और बाजार संपर्क जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, संभावनाशील उद्यमों को वित्तीय संस्थानों, विशेषज्ञों और बाजार के अवसरों से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मिशन निदेशक की बात
UPSRLM के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि यह इन्क्यूबेशन सेंटर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यम की पहचान और स्थापना से लेकर उसके सुदृढ़ीकरण, विस्तार और बाजार तक पहुँच बनाने में सहयोग देगा। उन्होंने कहा, 'इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक सहयोग उपलब्ध कराना है।'
अरुण कुमार ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ अब केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि बड़ी संख्या में अपने उद्यम स्थापित कर रही हैं। IIM लखनऊ के सहयोग से इन उद्यमों को व्यवस्थित एवं विस्तार योग्य बनाने का अवसर मिलेगा।
IIM लखनऊ की भूमिका
यह पहली बार है जब किसी राज्य के ग्रामीण आजीविका मिशन ने किसी प्रमुख प्रबंधन संस्थान को SHG उद्यमिता सहयोग के लिए तकनीकी भागीदार बनाया है। IIM लखनऊ का अनुभव और शैक्षणिक विशेषज्ञता ग्रामीण महिला उद्यमियों को कॉर्पोरेट-स्तरीय व्यावसायिक ज्ञान से जोड़ने का काम करेगी। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है।
आम जनता और ग्रामीण महिलाओं पर असर
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा जो पहले से SHG से जुड़ी हैं और अपने छोटे उद्यम चला रही हैं। सेंटर उन्हें न केवल तकनीकी सहायता देगा, बल्कि उनकी आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी सहायक होगा। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद अब सेंटर के औपचारिक शुभारंभ की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।
क्या होगा आगे
UPSRLM के अनुसार, इन्क्यूबेशन सेंटर उद्यम की पहचान से लेकर बाजार तक पहुँच — यानी पूरे उद्यम-चक्र में महिलाओं का साथ देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।