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यूपी में SHG महिला उद्यमियों को IIM लखनऊ का सहारा, UPSRLM इन्क्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी

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यूपी में SHG महिला उद्यमियों को IIM लखनऊ का सहारा, UPSRLM इन्क्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी

सारांश

उत्तर प्रदेश में SHG महिला उद्यमियों के लिए UPSRLM का इन्क्यूबेशन सेंटर अब IIM लखनऊ की विशेषज्ञता से लैस होगा। केंद्र की मंजूरी के बाद यह पहल ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को बाजार से जोड़ने और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत SHG महिला उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली।
सेंटर को IIM लखनऊ का तकनीकी सहयोग मिलेगा — बिजनेस प्लान, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल तकनीक में मार्गदर्शन।
UPSRLM मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, सेंटर का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि वास्तविक व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप सहयोग देना है।
संभावनाशील उद्यमों को वित्तीय संस्थानों , विशेषज्ञों और बाजार के अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 अगस्त 2026 को ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिला उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। यह सेंटर IIM लखनऊ के तकनीकी सहयोग से संचालित होगा और ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को व्यवस्थित, विस्तारयोग्य व्यवसायों में बदलने का काम करेगा।

इन्क्यूबेशन सेंटर में क्या मिलेगा

इस सेंटर के माध्यम से महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान निर्माण, उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और बाजार संपर्क जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, संभावनाशील उद्यमों को वित्तीय संस्थानों, विशेषज्ञों और बाजार के अवसरों से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मिशन निदेशक की बात

UPSRLM के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि यह इन्क्यूबेशन सेंटर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यम की पहचान और स्थापना से लेकर उसके सुदृढ़ीकरण, विस्तार और बाजार तक पहुँच बनाने में सहयोग देगा। उन्होंने कहा, 'इसका उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक सहयोग उपलब्ध कराना है।'

अरुण कुमार ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ अब केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि बड़ी संख्या में अपने उद्यम स्थापित कर रही हैं। IIM लखनऊ के सहयोग से इन उद्यमों को व्यवस्थित एवं विस्तार योग्य बनाने का अवसर मिलेगा।

IIM लखनऊ की भूमिका

यह पहली बार है जब किसी राज्य के ग्रामीण आजीविका मिशन ने किसी प्रमुख प्रबंधन संस्थान को SHG उद्यमिता सहयोग के लिए तकनीकी भागीदार बनाया है। IIM लखनऊ का अनुभव और शैक्षणिक विशेषज्ञता ग्रामीण महिला उद्यमियों को कॉर्पोरेट-स्तरीय व्यावसायिक ज्ञान से जोड़ने का काम करेगी। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है।

आम जनता और ग्रामीण महिलाओं पर असर

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा जो पहले से SHG से जुड़ी हैं और अपने छोटे उद्यम चला रही हैं। सेंटर उन्हें न केवल तकनीकी सहायता देगा, बल्कि उनकी आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी सहायक होगा। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद अब सेंटर के औपचारिक शुभारंभ की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।

क्या होगा आगे

UPSRLM के अनुसार, इन्क्यूबेशन सेंटर उद्यम की पहचान से लेकर बाजार तक पहुँच — यानी पूरे उद्यम-चक्र में महिलाओं का साथ देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि इस तरह की साझेदारियाँ अक्सर शहरी-ग्रामीण अनुभव की खाई को पाटने में संघर्ष करती हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'इन्क्यूबेशन' मॉडल अब तक मुख्यतः स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में सफल रहा है; ग्रामीण महिला उद्यमियों की जरूरतें और बाधाएँ मौलिक रूप से भिन्न हैं। बाजार संपर्क और वित्तीय पहुँच के वादे तब तक अधूरे हैं जब तक सेंटर की पहुँच, लाभार्थी संख्या और सफलता मापने के स्पष्ट मानदंड सार्वजनिक न हों।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPSRLM इन्क्यूबेशन सेंटर क्या है और यह किसके लिए है?
यह उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत स्थापित होने वाला एक विशेष केंद्र है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिला उद्यमियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक सहयोग देगा। इसका उद्देश्य छोटे उद्यमों को मजबूत, विस्तारयोग्य व्यवसायों में बदलना है।
IIM लखनऊ इस सेंटर में क्या भूमिका निभाएगा?
IIM लखनऊ इन्क्यूबेशन सेंटर को तकनीकी सहयोग देगा। इसके तहत महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लान, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल तकनीक और बाजार संपर्क में विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग मिलेगी।
इस इन्क्यूबेशन सेंटर से किसे फायदा होगा?
उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिला उद्यमियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। जो महिलाएँ पहले से अपने छोटे उद्यम चला रही हैं, उन्हें विशेषज्ञ सहयोग, वित्तीय संस्थानों से संपर्क और बाजार तक पहुँच मिलेगी।
क्या इस सेंटर को सरकारी मंजूरी मिल गई है?
हाँ, केंद्र सरकार ने इस इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब औपचारिक शुभारंभ की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।
यह पहल उत्तर प्रदेश की महिला सशक्तीकरण नीति से कैसे जुड़ी है?
उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है और UPSRLM इसी दिशा में काम करता है। यह इन्क्यूबेशन सेंटर SHG महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ाकर स्वतंत्र उद्यमी बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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