आईआईटी भुवनेश्वर और ओडिशा आजीविका मिशन का एमओयू: 150 ग्रामीण महिला उद्यमों को मिलेगा इनक्यूबेशन सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा आजीविका मिशन (OLM) ने 8 जून 2026 को आईआईटी भुवनेश्वर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य राज्य भर में ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को संस्थागत इनक्यूबेशन सहयोग प्रदान करना है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) के माध्यम से संचालित होगी।
इनक्यूबेशन कार्यक्रम की रूपरेखा
आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईटी भुवनेश्वर इस पूरी पहल के लिए इनक्यूबेशन पार्टनर की भूमिका निभाएगा। अगले तीन वर्षों में कम से कम 150 विकासोन्मुखी ग्रामीण उद्यमों को इनक्यूबेशन प्रक्रिया के माध्यम से सहायता दी जाएगी। इस कार्यक्रम के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कुल ₹10.70 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी है, जिसमें से पहले चरण में आईआईटी भुवनेश्वर को ₹99 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
महिला उद्यमियों को क्या मिलेगा
इस सहयोग के तहत ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यवसाय योजना निर्माण, उत्पाद विकास, गुणवत्ता संवर्धन, बाज़ार संपर्क, वित्त तक पहुँच और पेशेवर नेटवर्किंग में व्यावहारिक मार्गदर्शन मिलेगा। चिन्हित स्वयं सहायता समूह (SHG) उद्यमों को उद्यम पंजीकरण और अनिवार्य अनुपालन व प्रमाणन प्राप्त करने में भी सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आईआईटी भुवनेश्वर चुनिंदा ओडिशा उत्पादों के लिए पेटेंट और प्रक्रिया प्रमाणन दिलाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने कहा कि सरकार न केवल महिलाओं को रोज़गार योग्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए भी संकल्पबद्ध है। परिदा ने कहा, 'आईआईटी भुवनेश्वर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं — तकनीकी मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण के ज़रिए वे अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकेंगी।' उन्होंने इस पहल को 'विकसित ओडिशा' की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
आम जनता पर असर
यह कार्यक्रम ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में SHG को लघु एवं मध्यम उद्यमों में रूपांतरित करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में ग्रामीण महिला रोज़गार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की माँग लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि DAY-NRLM के तहत देशभर में SHG नेटवर्क पहले से ही करोड़ों महिलाओं को जोड़ता है — ओडिशा में IIT जैसे तकनीकी संस्थान का जुड़ाव इस मॉडल को एक नई परिपक्वता दे सकता है।
क्या होगा आगे
पहले चरण की स्वीकृत राशि के साथ इनक्यूबेशन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार, कार्यक्रम से ओडिशा में एक जीवंत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। आने वाले महीनों में चयनित उद्यमों की पहचान और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है।