क्या ओडिशा के मिशन शक्ति विभाग ने बुनकर सेवा संघ के साथ एमओयू करके वस्त्र उद्यमों को नया जीवन दिया?

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क्या ओडिशा के मिशन शक्ति विभाग ने बुनकर सेवा संघ के साथ एमओयू करके वस्त्र उद्यमों को नया जीवन दिया?

सारांश

ओडिशा सरकार ने बुनकर सेवा संघ के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर महिलाओं को सशक्त बनाने का नया अध्याय शुरू किया है। इस पहल से वस्त्र क्षेत्र में महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और मार्केटिंग में मदद मिलेगी।

मुख्य बातें

महिलाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण आधुनिक विपणन रणनीतियों का लाभ बुनकर समुदाय का उत्थान आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा सरकार ने वस्त्र क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मिशन शक्ति विभाग के माध्यम से केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत बुनकर सेवा संघ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह पहल राज्य की महिला उद्यमियों, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी बुनकर महिलाओं को उनके व्यवसाय को बढ़ाने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता प्रदान करेगी।

भुवनेश्वर में मिशन शक्ति भवन सभागार में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य डिजाइन विकास, पैकेजिंग, और विपणन जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहायता प्रदान करके स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित वस्त्र उद्यमों को सशक्त बनाना है।

इसके माध्यम से ओडिशा की बुनकर महिलाओं को अपने पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र उत्पादों को आधुनिक बाजारों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय और आजीविका में सुधार होगा।

उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने इस अवसर पर कहा, “यह समझौता ज्ञापन मिशन शक्ति के तहत हमारी महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सहयोग न केवल उनके कौशल को निखारेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान बनाने में भी मदद करेगा। हमारी सरकार पारंपरिक बुनकर समुदायों के उत्थान और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

यह पहल विशेष रूप से ओडिशा के हस्तशिल्प और वस्त्र क्षेत्र को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी बुनाई तकनीकों के लिए जाना जाता है।

बुनकर सेवा संघ के साथ यह साझेदारी महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, नवीन डिजाइनों तक पहुंच और आधुनिक विपणन रणनीतियों का लाभ प्रदान करेगी। इसके अलावा, उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों की सहायता भी दी जाएगी, ताकि ये उत्पाद राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। मिशन शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सहयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनाई और वस्त्र उत्पादन से जुड़ी हजारों महिलाओं को लाभ पहुंचाएगा।

इसके तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं, डिजाइन नवाचार, और बाजार संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ओडिशा के पारंपरिक हस्तशिल्प को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। यह पहल ओडिशा सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

इस समझौते से न केवल स्थानीय बुनकर समुदाय को बल मिलेगा, बल्कि यह ओडिशा के वस्त्र क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ओडिशा के हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को भी नई दिशा देगा। सरकार की यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से महिलाओं के उत्थान को बढ़ावा देगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा सरकार का यह एमओयू किस उद्देश्य से है?
यह एमओयू महिलाओं को वस्त्र उद्योग में सशक्त बनाने और उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए है।
बुनकर सेवा संघ को शामिल करने का क्या लाभ होगा?
बुनकर सेवा संघ के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन में सहायता मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस