28 जून 2026
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उत्तराखंड 2027 चुनाव: कांग्रेस का 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' शुरू, गणेश गोदियाल ने चंपावत से भरी हुंकार

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उत्तराखंड 2027 चुनाव: कांग्रेस का 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' शुरू, गणेश गोदियाल ने चंपावत से भरी हुंकार

सारांश

उत्तराखंड में 2027 चुनाव अभी डेढ़ साल दूर हैं, लेकिन कांग्रेस ने चंपावत से 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' के जरिए मैदान में उतरने की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चार चरणों में पूरे राज्य को कवर करने की यह रणनीति पार्टी के जमीनी पुनर्निर्माण की कोशिश है।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 28 जून 2026 को चंपावत से 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' अभियान की शुरुआत की।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सत्ता वापसी का संकल्प लिया।
अभियान चार चरणों में होगा — पहाड़ी जिलों से शुरू होकर हरिद्वार , उधमसिंह नगर और देहरादून तक।
हरीश रावत , यशपाल आर्य , करण मेहरा , डॉ.
हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह अलग-अलग चरणों में नेतृत्व करेंगे।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले तीन से चार बार वरिष्ठ नेता दौरा करेंगे।

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 28 जून 2026 को चंपावत जिले से अपने बहु-चरणीय 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' अभियान की औपचारिक शुरुआत की। कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस अवसर पर पार्टी को सत्ता में लाने का संकल्प दोहराया और कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच जाकर अपने इरादे और संकल्प रखे जाएंगे।

चंपावत से हुई अभियान की शुरुआत

गणेश गोदियाल ने चंपावत विधानसभा क्षेत्र — कुमाऊं की धरती — को इस अभियान का पहला पड़ाव चुना। उन्होंने कहा, 'मैं इस धरती को नमन करता हूं और संकल्प लेता हूं कि 2027 में कांग्रेस पार्टी सत्ता में आएगी। सत्ता में आने के पीछे हमारा मकसद सिर्फ अधिकार पाना नहीं है, बल्कि उन सपनों और विजन को पूरा करना है, जिनके लिए उत्तराखंड बनाया गया था।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्षों में है।

चार चरणों में होगा सम्मेलन, जानें पूरा खाका

गोदियाल ने बताया कि यह अभियान चार चरणों में पूरे राज्य को कवर करेगा। पहले चरण में चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले शामिल हैं, जिनकी अगुवाई गोदियाल स्वयं करेंगे। दूसरे चरण में अल्मोड़ा में करण मेहरा व अन्य नेता नेतृत्व संभालेंगे। तीसरे चरण में पौड़ी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग में डॉ. हरक सिंह रावत के साथ नेतागण मौजूद रहेंगे। चौथे चरण में टिहरी और उत्तरकाशी में प्रीतम सिंह क्षेत्र के नेताओं के साथ सम्मेलन करेंगे।

वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और तराई का कार्यक्रम

गोदियाल ने स्पष्ट किया कि हरीश रावत, यशपाल आर्य, प्रभारी शैलजा और प्रभारी सुरेंद्र शर्मा बारी-बारी से सभी जोन में उपस्थित रहेंगे। उनके अनुसार 10 तारीख तक पहाड़ों का कार्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 15 तारीख से तराई में हरिद्वार से लेकर उधमसिंह नगर होते हुए देहरादून तक अभियान चलाया जाएगा।

आम जनता पर असर और चुनावी रणनीति

गोदियाल ने बताया कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन से चार बार वरिष्ठ नेता दौरा करेंगे। गौरतलब है कि यह रणनीति जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने पर केंद्रित है। कांग्रेस का यह अभियान उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि पार्टी का यह संगठनात्मक प्रयास चुनावी जमीन पर कितना प्रभाव छोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'परिवर्तन संकल्प' महज नारे से आगे जाएगा। उत्तराखंड में कांग्रेस 2022 में सत्ता गंवाने के बाद से संगठनात्मक बिखराव से जूझ रही है, और चार चरणों की यात्रा-योजना तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक स्थानीय मुद्दों पर ठोस वैकल्पिक एजेंडा न हो। गौरतलब है कि राज्य में पलायन, बेरोजगारी और बुनियादी ढाँचे की कमी जैसे मुद्दे हर चुनाव में उठते हैं, पर समाधान नदारद रहता है। बिना स्पष्ट नीतिगत वादों के यह अभियान केवल उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड कांग्रेस का 'परिवर्तन संकल्प सम्मेलन' क्या है?
यह कांग्रेस का 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए शुरू किया गया बहु-चरणीय जनसंपर्क अभियान है, जिसकी शुरुआत 28 जून 2026 को चंपावत से हुई। इसका उद्देश्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करना और पार्टी का जनाधार मजबूत करना है।
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के चार चरणों में कौन-कौन से जिले शामिल हैं?
पहले चरण में चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर; दूसरे में अल्मोड़ा; तीसरे में पौड़ी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग; और चौथे चरण में टिहरी और उत्तरकाशी शामिल हैं। पहाड़ी जिलों के बाद हरिद्वार, उधमसिंह नगर और देहरादून में तराई का अभियान चलेगा।
गणेश गोदियाल ने 2027 चुनाव को लेकर क्या कहा?
गोदियाल ने कहा कि 2027 में कांग्रेस सत्ता में आएगी और इसका उद्देश्य केवल अधिकार पाना नहीं, बल्कि उन सपनों को पूरा करना है जिनके लिए उत्तराखंड राज्य बनाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव से पहले प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन से चार बार वरिष्ठ नेता दौरा करेंगे।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस के कौन-से वरिष्ठ नेता सक्रिय रहेंगे?
हरीश रावत, यशपाल आर्य, करण मेहरा, डॉ. हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह अलग-अलग चरणों में नेतृत्व करेंगे। प्रभारी शैलजा और प्रभारी सुरेंद्र शर्मा भी बारी-बारी से सभी जोन में उपस्थित रहेंगे।
उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव कब होगा?
उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जिसने 2022 के चुनाव में जीत हासिल की थी।
राष्ट्र प्रेस
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