चमोली में दिशा बैठक: सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की, समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने 15 मई 2026 को चमोली के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की और केंद्र पोषित योजनाओं की विस्तृत प्रगति समीक्षा की। बैठक में जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।
बैठक में क्या हुआ
गोपेश्वर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, पर्यटन, ग्राम्य विकास सहित अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। सांसद बलूनी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभ सीधे आमजन तक पहुँच सके।
उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण किया जाए।
सांसद के निर्देश और प्रतिबद्धता
मीडिया से बातचीत में बलूनी ने कहा कि बैठक में यह तय किया गया कि आने वाले समय में कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले दो से तीन महीने के भीतर पुनः बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें वर्तमान निर्देशों की अनुपालना और प्रगति का आकलन किया जाएगा। इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से जारी रखने की बात भी उन्होंने कही।
सांसद का एक्स पर संदेश
बैठक के बाद सांसद बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बैठक में जनपद के सभी विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए क्षेत्र में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने यह भी लिखा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, 'ताकि विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।'
उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गढ़वाल क्षेत्र के सर्वांगीण, संतुलित एवं सतत विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी है।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तराखंड में केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन की गति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंताएँ जताई जाती रही हैं। दिशा समिति की नियमित बैठकें जिला स्तर पर केंद्रीय योजनाओं की निगरानी का प्रमुख तंत्र हैं। अगली समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट होगा कि इन निर्देशों का कितना अनुपालन हुआ और विकास कार्यों में वास्तविक तेजी आई या नहीं।