उत्तराखंड: फिताड़ी गांव में भीषण आग से 8 घर और 6 अन्न भंडार जलकर खाक, तीन गायों की मौत
सारांश
Key Takeaways
- फिताड़ी गांव में आग लगने से 8 घर और 6 भंडार जल गए।
- तीन गायों की दर्दनाक मौत हुई।
- प्रशासन ने तात्कालिक राहत सामग्री भेजी।
- क्षेत्रीय विधायक ने पीड़ितों को सहायता का आश्वासन दिया।
- पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई गई।
उत्तरकाशी, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विकास खंड मोरी के दूरदराज के गांव फिताड़ी में रात को लगी भीषण आग ने व्यापक तबाही मचाई। इस आग ने कुछ ही घंटों में 8 आवासीय घरों और 6 अन्न भंडारों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके अलावा, तीन गायों की भी जलने के कारण दर्दनाक मृत्यु हो गई।
यह आग रात करीब 11 बजे लगी, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज़ हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती गई।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने तुरंत एसडीआरएफ, राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस टीमों को घटनास्थल पर भेजा। राहत एवं बचाव दल ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
डीएम प्रशांत आर्य स्वयं घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा, "इस कठिन समय में प्रशासन आपके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। हर संभव मदद की जाएगी।" प्रशासन द्वारा तत्काल राहत सामग्री जैसे टेंट, तिरपाल, बर्तन सेट, गैस चूल्हा, कंबल, गद्दे, हाइजीन किट, सोलर लाइट और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई। प्रभावित परिवारों के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय फिताड़ी में राहत शिविर स्थापित कर रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल भी रात में गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हर संभव आर्थिक और पुनर्वास सहायता देने का आश्वासन दिया।
डीएम और विधायक ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने गांव में पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग की। जिलाधिकारी ने तुरंत पानी के टैंक बनाने के निर्देश दिए और कहा कि यह टैंक न केवल आग जैसी आपदाओं में मदद करेगा, बल्कि गांव को नियमित पेयजल भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इसे अगली जिला योजना में प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
प्रभावित परिवारों को अहेतुक सहायता राशि तुरंत वितरित कर दी गई है। शीघ्र ही मकान बनाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दी जाएगी।