उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का भूकंप, रात 8:07 बजे झटके; कोई जन-धन हानि नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 10 अक्टूबर 2026 की रात रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके रात 8 बजकर 7 मिनट 30 सेकंड पर महसूस किए गए, जिससे जिले के कई हिस्सों में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। जिला प्रशासन के प्रारंभिक आकलन में किसी भी क्षेत्र से जन-धन हानि की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
जिला प्रशासन के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी शहर से लगभग 2 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था। भूकंप की गहराई 11 किलोमीटर दर्ज की गई। भूगर्भीय दृष्टि से उथले केंद्र वाले भूकंप अधिक हलचल उत्पन्न करते हैं, इसलिए झटके जिले के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से महसूस हुए।
प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया
झटकों की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों और पुलिस थाना-चौकियों से स्थिति की जानकारी जुटाई। अधिकारियों के मुताबिक, मोरी और पुरोला तहसील क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए, जबकि शेष क्षेत्रों से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। प्रशासन ने सुरक्षा एवं संभावित नुकसान की समीक्षा कर पुष्टि की कि जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
उत्तराखंड में भूकंपीय गतिविधि का क्रम
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में हाल के दिनों में भूकंपीय गतिविधि बढ़ी हुई देखी जा रही है। 6 अक्टूबर 2026 को चमोली जिले में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके झटके पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल सहित कई जिलों में महसूस किए गए थे। उत्तराखंड भूकंपीय संवेदनशीलता के लिहाज से ज़ोन-IV और ज़ोन-V में आता है, जिससे यहाँ इस प्रकार की भूकंपीय हलचल असामान्य नहीं मानी जाती।
महाराष्ट्र के पालघर में भी भूकंप
इसी अवधि में 8 अक्टूबर 2026 की शाम महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने बताया कि इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 रही। यह भूकंप शाम 7 बजकर 16 मिनट 20 सेकंड IST पर आया और इसका केंद्र अक्षांश 20.109 तथा देशांतर 72.948 पर, नासिक (महाराष्ट्र) से 88 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। इसकी गहराई 7 किलोमीटर दर्ज की गई। 3.7 तीव्रता को सामान्यतः कम तीव्रता की श्रेणी में रखा जाता है।
स्थिति पर निगरानी जारी
गौरतलब है कि उत्तरकाशी जिला हिमालयी भूगर्भीय प्लेटों के सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जहाँ छोटे-बड़े भूकंप नियमित रूप से आते रहते हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए तंत्र सतर्क है। भविष्य में और झटकों की स्थिति में नागरिकों से शांति बनाए रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।