26 सितंबर 2026
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गंगोत्री-गौमुख ट्रेक: 130 मीटर गहरी खाई में गिरा महाराष्ट्र का पर्यटक, दूसरे दिन भी खोज बेनतीजा

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गंगोत्री-गौमुख ट्रेक: 130 मीटर गहरी खाई में गिरा महाराष्ट्र का पर्यटक, दूसरे दिन भी खोज बेनतीजा

सारांश

उत्तरकाशी के गंगोत्री-गौमुख ट्रेक मार्ग पर 65 वर्षीय महाराष्ट्र पर्यटक 130 मीटर गहरी खाई में गिरा। 18 सदस्यीय एसडीआरएफ-पुलिस-वन विभाग दल दूसरे दिन भी खोज में जुटा रहा, पर लगातार बारिश ने अभियान ठप किया। रेड अलर्ट के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई।

मुख्य बातें

राम कुमार हनुमान गुप्ता (65 वर्ष) , निवासी राजगढ़, महाराष्ट्र, 25 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे कच्चीढांग स्थान पर 130 मीटर गहरी खाई में गिरे।
18 सदस्यीय संयुक्त दल — एसडीआरएफ के 6 जवान , 4 नेपाली पोर्टर , वन विभाग , पुलिस और पोर्टर — दूसरे दिन भी खोज में लगे रहे।
लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम के कारण 26 सितंबर शाम तक पर्यटक का कोई सुराग नहीं मिला।
मौसम विभाग के रेड अलर्ट के चलते गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई।
लापता पर्यटक के परिजन गंगोत्री में मौजूद; साथी पर्यटक गोमुख होटल में ठहरे हुए हैं।

उत्तरकाशी के गंगोत्री-गौमुख ट्रेक मार्ग पर महाराष्ट्र के एक पर्यटक के 130 मीटर गहरी खाई में गिरने के बाद 26 सितंबर 2026 को लगातार दूसरे दिन भी व्यापक खोज एवं बचाव अभियान जारी रहा, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिला। लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम ने राहत कार्य को गंभीर रूप से बाधित किया।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

25 सितंबर की दोपहर लगभग 2:30 बजे, चीड़बासा से आगे कच्चीढांग नामक स्थान पर राम कुमार हनुमान गुप्ता (65 वर्ष) का पैर फिसल गया और वह करीब 130 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। वह महाराष्ट्र के राजगढ़, पाटिल अली स्थित कपिला अपार्टमेंट के निवासी हैं। गुप्ता पाँच सदस्यीय पर्यटक दल के साथ गंगोत्री से गौमुख की ओर ट्रेकिंग पर निकले थे।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय पोर्टरों की टीम तत्काल रवाना की गई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) के अनुसार, लापता पर्यटक के साथ दीपक छोटेलाल, शिवसेवक मोतीलाल, विशाल राम कुमार और निखिल सुरेश भी ट्रेक पर गए थे।

बचाव अभियान का विस्तार

शनिवार 26 सितंबर को 18 सदस्यीय संयुक्त दल को खोज अभियान में लगाया गया, जिसमें गंगोत्री से एसडीआरएफ के 6 जवान, 4 नेपाली पोर्टर, भोजवासा से वन विभाग के 4 जवान, पुलिस के 2 जवान और 2 पोर्टर शामिल थे। टीमों ने कच्चीढांग, चीड़बासा, देवगढ़ खाले और राम मंदिर के नीचे नदी किनारे तक गहन तलाश की।

प्रशासन के अनुसार, मौसम में सुधार होते ही खोज अभियान को और तेज किया जाएगा। लापता पर्यटक के परिजन भी गंगोत्री में मौजूद हैं, जबकि साथ आए अन्य पर्यटक गंगोत्री धाम स्थित गोमुख होटल में ठहरे हुए हैं।

रेड अलर्ट और यात्रा पर रोक

मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनज़र जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मानसून के अंतिम चरण में तीव्र वर्षा और भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ी हुई हैं। गंगोत्री-गौमुख ट्रेक देश के सबसे चुनौतीपूर्ण तीर्थ-ट्रेक मार्गों में से एक है, जहाँ पथरीले और संकरे रास्तों पर गिरने की घटनाएँ आम हैं।

प्रशासन की तैयारी

प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मशीनरी एवं मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी मार्ग के अवरुद्ध होने पर उसे तत्काल खोला जा सके। सभी तहसीलों से वर्षा और भूस्खलन संबंधी सूचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है और मौसम अनुकूल होते ही खोज को और व्यापक किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बारंबार दोहराया जाने वाला पैटर्न है। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चार-धाम यात्रा प्रबंधन ढाँचे में ट्रेक-विशिष्ट सुरक्षा मानक और अनिवार्य पंजीकरण को अभी भी गंभीरता से लागू किया जा रहा है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगोत्री-गौमुख ट्रेक पर दुर्घटना में कौन लापता हैं?
महाराष्ट्र के राजगढ़ निवासी राम कुमार हनुमान गुप्ता (65 वर्ष) 25 सितंबर को कच्चीढांग स्थान पर 130 मीटर गहरी खाई में गिरने के बाद से लापता हैं। वह पाँच सदस्यीय पर्यटक दल के साथ गंगोत्री से गौमुख ट्रेक पर निकले थे।
खोज अभियान में कितने लोग शामिल हैं?
18 सदस्यीय संयुक्त दल खोज में लगा है, जिसमें एसडीआरएफ के 6 जवान, 4 नेपाली पोर्टर, भोजवासा से वन विभाग के 4 जवान, पुलिस के 2 जवान और 2 स्थानीय पोर्टर शामिल हैं। बचाव दल ने कच्चीढांग, चीड़बासा, देवगढ़ खाले और राम मंदिर के नीचे नदी किनारे तक खोजबीन की।
गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा क्यों रोकी गई है?
मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनज़र जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा एहतियातन अस्थायी रूप से रोकी गई है। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते यह फैसला लिया गया।
लापता पर्यटक की तलाश आगे कब और कैसे होगी?
प्रशासन के अनुसार, मौसम में सुधार होते ही खोज अभियान को और तेज किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मशीनरी और मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगोत्री-गौमुख ट्रेक मार्ग पर कहाँ हुई यह दुर्घटना?
दुर्घटना चीड़बासा से आगे कच्चीढांग नामक स्थान पर हुई, जब 25 सितंबर को दोपहर लगभग 2:30 बजे पर्यटक का पैर फिसला और वह 130 मीटर गहरी खाई में गिर गए। यह उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री से गौमुख के बीच का दुर्गम पहाड़ी मार्ग है।
राष्ट्र प्रेस
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