गंगोत्री-गौमुख ट्रेक हादसा: महाराष्ट्र के 65 वर्षीय पर्यटक 130 मीटर गहरी खाई में गिरे, दूसरे दिन भी तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगोत्री-गौमुख ट्रेकिंग मार्ग पर 25 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के 65 वर्षीय पर्यटक राम कुमार हनुमान गुप्ता कथित तौर पर चिरबासा के आगे कछीडांग के निकट फिसलकर लगभग 130 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है और 26 सितंबर को लगातार दूसरे दिन भी खोज एवं बचाव अभियान जारी रहा।
घटना का क्रम
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) के अनुसार, महाराष्ट्र के पाँच पर्यटकों का एक समूह 25 सितंबर को गंगोत्री से गौमुख की ओर ट्रेकिंग के लिए निकला था। दोपहर लगभग 2:30 बजे, गुप्ता कछीडांग के पास फिसल गए और खाई में समा गए। शेष चार सदस्य — दीपक छोटेलाल, शिवसेवक मोतीलाल, विशाल राम कुमार और निखिल सुरेश — सुरक्षित हैं और गंगोत्री के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
गुप्ता के परिवार के सदस्य अभी गंगोत्री में मौजूद हैं और बचाव अभियान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बचाव अभियान का विवरण
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पोर्टर्स की टीमों को तत्काल तैनात किया गया। शनिवार को बचाव में शामिल 18 सदस्यीय दल में गंगोत्री से एसडीआरएफ के छह कर्मी, चार नेपाली कुली, भोजवासा से वन विभाग के चार कर्मी, दो पुलिसकर्मी और दो अतिरिक्त कुली शामिल थे।
टीमों ने कछीडांग, चिरबासा, देवगढ़ खाले और राम मंदिर के नीचे नदी तट के समीपवर्ती क्षेत्रों में व्यापक तलाशी चलाई। बावजूद इसके, देर शाम तक लापता पर्यटक का कोई पता नहीं चल सका।
मौसम की चुनौती और प्रशासनिक अलर्ट
लगातार भारी बारिश और खराब मौसम ने बचाव कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न की। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियातन हिना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री और यमुनात्री धामों की तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन संचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को अवरुद्ध सड़कें तत्काल साफ करने हेतु मशीनरी और कर्मचारी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौसम में सुधार होते ही तलाशी अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय ट्रेकिंग मार्गों पर मानसून के दौरान दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। गौरतलब है कि गंगोत्री-गौमुख मार्ग देश के सर्वाधिक लोकप्रिय और चुनौतीपूर्ण ट्रेक में से एक माना जाता है, जहाँ मानसून में भूस्खलन और फिसलन का जोखिम काफी बढ़ जाता है।