देवप्रयाग में 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत; 8 सवार थे यात्री
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के देवप्रयाग में 2 जून 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल को गंभीर हालत में श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंगा होटल दर्शन के समीप एक वाहन करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे राहत और बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, वाहन संख्या यूके 08 टीए 5433 देवप्रयाग क्षेत्र में हरिद्वार की ओर जा रहा था, जब वह गंगा होटल दर्शन के पास गहरी खाई में गिर गया। हादसे के वक्त वाहन में चालक समेत लगभग 8 लोग सवार थे। सभी यात्री राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि तीन शवों को राफ्टिंग के माध्यम से सड़क मार्ग तक लाया गया, जबकि एक घायल को विभागीय एंबुलेंस से श्रीनगर रेफर किया गया। खाई की अत्यधिक गहराई के कारण बचाव दल को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
राहत और बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। क्षेत्रीय पटवारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की विस्तृत जानकारी रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हरिद्वार में इससे पहले भी हुआ हादसा
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं की एक के बाद एक घटनाएँ सामने आ रही हैं। इससे पहले हरिद्वार में सोमवार को सप्तऋषि क्षेत्र में एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में राजस्थान से आए लगभग 45 तीर्थयात्री सवार थे, जो गंगा स्नान के बाद घर लौट रहे थे। कथित तौर पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क किनारे पलट गई।
इस हादसे में राजस्थान के नागौर जिले के निवासी भंवर सिंह की पत्नी पुष्पकुंवर (50 वर्ष) की मौत हो गई। पुलिस और आपातकालीन टीमों ने तत्काल पहुँचकर घायल यात्रियों को नज़दीकी अस्पतालों में पहुँचाया।
आम जनता और तीर्थयात्रियों पर असर
गौरतलब है कि देवप्रयाग और हरिद्वार उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल हैं, जहाँ राजस्थान सहित देशभर से श्रद्धालु आते हैं। पहाड़ी मार्गों पर गहरी खाइयाँ और संकरी सड़कें इन दुर्घटनाओं को और घातक बना देती हैं। आलोचकों का कहना है कि इन मार्गों पर सुरक्षा उपायों और वाहन जाँच को और कड़ा किए जाने की ज़रूरत है।
आगे क्या
अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू अभियान जारी है और अभी तक फँसे हुए सभी यात्रियों की स्थिति की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे की जाँच शुरू की जाएगी और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले घंटों में बचाव दल की रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।