रुद्रप्रयाग में 30 मीटर गहरी खाई में गिरा व्यक्ति, एसडीआरएफ ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन से बचाई जान
सारांश
मुख्य बातें
रुद्रप्रयाग, 16 जून को एक व्यक्ति पेट्रोल पंप के समीप अचानक 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
घटनाक्रम: कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई
मंगलवार की सुबह एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि रुद्रप्रयाग स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरीश बंगारी के नेतृत्व में एसडीआरएफ की एक टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ रतूड़ा पोस्ट से तुरंत रवाना हुई।
बचाव अभियान: दुर्गम इलाके में जवानों की हिम्मत
मौके पर पहुँचने पर एसडीआरएफ जवानों ने पाया कि व्यक्ति लगभग 30 मीटर की गहराई में गिरा हुआ है और घायल अवस्था में है। दुर्गम पहाड़ी इलाके और खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद जवान सावधानीपूर्वक खाई में उतरे और घायल व्यक्ति तक पहुँचकर उसे सफलतापूर्वक बाहर निकाला। बचाव के तुरंत बाद उसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
घायल की पहचान और अस्पताल में भर्ती
बचाव ऑपरेशन पूर्ण होने के बाद घायल व्यक्ति को जिला पुलिस को सौंपा गया, जो उसे नज़दीकी अस्पताल ले गई। घायल की पहचान पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबो निवासी अवतार सिंह भंडारी के पुत्र सुखदेव सिंह भंडारी के रूप में हुई है। फिलहाल उनका उपचार जारी बताया जा रहा है।
पृष्ठभूमि: रुद्रप्रयाग में बचाव अभियानों का सिलसिला
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब 14 जून को भी रुद्रप्रयाग जिले के देवरियाताल-बनियाकुंड ट्रेकिंग रूट पर रास्ता भटके पाँच पर्यटकों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बचाया था। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) के अनुसार, उस दिन सुबह 6:10 बजे 112 इमरजेंसी सर्विस के ज़रिए कॉल आई थी, जिसमें बताया गया था कि ट्रेकर्स रास्ता भटक गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में मानसून-पूर्व मौसम और तीर्थयात्रा सीज़न के चलते आपदा बचाव टीमों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
आगे की स्थिति
एसडीआरएफ के जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। सुखदेव सिंह भंडारी का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी स्थिति की नवीनतम जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की जा रही है। रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी ज़िलों में इस तरह की घटनाएँ बचाव बलों की सतर्कता और तैयारी की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती हैं।