मसूरी में 500 मीटर गहरी खाई में कार गिरी, हरियाणा-दिल्ली के चार यात्रियों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार, 10 जून की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जब उनकी कार झड़ीपानी-कोलूखेत शॉर्टकट मार्ग पर नियंत्रण खोकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। मृतकों की पहचान हरियाणा, गाजियाबाद और दिल्ली के निवासियों के रूप में की गई है। हादसे के बाद आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीमों ने घंटों चले कठिन बचाव अभियान में सभी चार शव खाई से बाहर निकाले।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सुबह 9:16 बजे सूचना मिली कि झड़ीपानी रोड पर एक वाहन गहरी खाई में गिर गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले कार एक सड़क किनारे दुकान पर रुकी थी और कार सवारों ने दुकानदार को बताया था कि वे उत्तरकाशी से आ रहे हैं। कुछ सामान खरीदने के बाद जैसे ही सभी वापस कार में बैठे, वाहन अचानक तेज गति से ढलान की ओर लुढ़कने लगा और सड़क से बाहर निकलकर खाई में जा गिरा।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी सत्यप्रकाश, 19 वर्षीय मनीत, गाजियाबाद के नेहरू नगर निवासी 48 वर्षीय सविता (धर्मवीर की पत्नी) और दिल्ली के करोल बाग निवासी 46 वर्षीय संगीता (टिटू की पत्नी) के रूप में की है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
बचाव अभियान में चुनौतियाँ
खाई की अत्यधिक गहराई, घने पेड़-पौधों और झाड़ियों के कारण बचाव दलों को रेस्क्यू अभियान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीमें सभी चार शवों को बाहर निकालने में सफल रहीं। मसूरी के क्षेत्राधिकारी और देहरादून के पुलिस अधीक्षक (सिटी) सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी करते रहे।
हादसे का संभावित कारण
प्रारंभिक जाँच में आशंका जताई जा रही है कि ढलान पर उतरते समय कार के ब्रेक फेल होने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। हालाँकि, अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जाँच के बाद ही चल सकेगा और सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि मसूरी के पहाड़ी मार्गों पर ब्रेक फेल और तीखे मोड़ों के कारण सड़क हादसे आम हैं, खासकर गर्मियों के पर्यटन सीजन में जब यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहन की तकनीकी स्थिति की जाँच की जाएगी। यह हादसा उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। स्थानीय प्रशासन से इस संवेदनशील शॉर्टकट मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की उम्मीद की जा रही है।