चमोली में खाई में लटकी कार, पत्थर ने बचाई एक परिवार के 4 सदस्यों की जान; गोपेश्वर फायर टीम का रेस्क्यू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले में 31 मई को एक बड़ा सड़क हादसा बाल-बाल टल गया, जब घिंघराण रोड पर ब्रह्मसैंण के समीप एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। सौभाग्यवश वाहन एक बड़े पत्थर पर अटक गया, जिससे उसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान बच गई। फायर स्टेशन गोपेश्वर की रेस्क्यू टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, गोपेश्वर के रौली ग्वाड़ निवासी मृदुल शाह (48 वर्ष) अपने परिवार के साथ बागेश्वर जा रहे थे। ब्रह्मसैंण के निकट पहुँचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क से नीचे खाई की ओर जा गिरी। वाहन में मृदुल शाह के अलावा उनकी पत्नी जिया शाह (42 वर्ष), 5 वर्षीया पुत्री हिताची शाह और 3 वर्षीय पुत्र लावण्य शाह सवार थे।
पत्थर बना जीवनदाता
घटनास्थल पर पहुँची रेस्क्यू टीम ने देखा कि कार सड़क से नीचे लुढ़कने के बाद एक बड़े पत्थर से टकराकर रुक गई थी। बचाव दल के अनुसार, यदि वाहन उस पत्थर से न अटकता और और नीचे खाई में चला जाता, तो परिणाम अत्यंत गंभीर हो सकते थे। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर मानसून पूर्व सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है।
रेस्क्यू अभियान का ब्यौरा
रविवार सुबह सूचना मिलते ही फायर स्टेशन गोपेश्वर की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा के नेतृत्व में फायरमैन पवन सिंह, यशवंत सिंह और अंकित सिंह ने बिना समय गंवाए वाहन में फंसे सभी चारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने भी फायर सर्विस की इस त्वरित कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यात्रियों की स्थिति
राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में परिवार के किसी भी सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई। बचाव दल ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। गौरतलब है कि दो छोटे बच्चों समेत पूरे परिवार का इस तरह सुरक्षित बच निकलना राहत एवं बचाव दल की पेशेवर कार्यशैली का प्रमाण है।
आगे क्या
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन से घिंघराण रोड पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की अपेक्षा है। पहाड़ी मार्गों पर क्रैश बैरियर और चेतावनी संकेतों की पर्याप्तता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, और यह हादसा एक बार फिर उन चिंताओं को सामने लाता है।