नैनीताल सड़क हादसा: भवाली में खाई में गिरी कार, एक परिवार के 4 सदस्यों समेत 5 की मौत; CM धामी ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
नैनीताल के भवाली बाईपास मार्ग पर गुरुवार, 21 मई को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों और कार चालक की मौके पर मौत हो गई। सेनिटोरियम के निकट अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी यह कार लखनऊ, उत्तर प्रदेश के नंबर की बताई जा रही है। पीड़ित परिवार नैनीताल और आसपास के पर्यटन स्थलों पर भ्रमण के लिए आया था।
हादसे का घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार सवार लोग भवाली बाईपास मार्ग से होते हुए अपने होटल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चालक का वाहन पर नियंत्रण खो गया और कार गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही 5 लोगों की जान चली गई — जिनमें एक ही परिवार के 4 सदस्य और कार का ड्राइवर शामिल हैं।
राहत एवं बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और एसएसबी (SSB) की टीमें मौके पर पहुँचीं और संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी शवों को खाई से निकालकर भवाली अस्पताल भेजा गया। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।
जाँच अधिकारी का बयान
नैनीताल सीओ रविकांत सेमवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रथम दृष्टि से यह लापरवाही से वाहन चलाने का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हालांकि, जब जाँच होगी तब सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।' सेमवाल ने बताया कि कार यूपी के लखनऊ की है और चालक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जबकि कार सवार अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है।
CM धामी की संवेदनाएँ
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'नैनीताल जनपद में वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। स्थानीय प्रशासन एवं एसडीआरएफ द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।'
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। नैनीताल पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहाँ संकरी और घुमावदार सड़कों पर वाहन दुर्घटनाएँ पर्यटन सीजन में बढ़ जाती हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब गर्मियों की छुट्टियों में उत्तराखंड में पर्यटकों की आवाजाही अपने चरम पर होती है। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद मृतकों की पूरी पहचान और हादसे के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।