वैक्सीन मैत्री: भारत ने कोविड-19 महामारी में अफ्रीका के 42 देशों को 4 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज दीं

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वैक्सीन मैत्री: भारत ने कोविड-19 महामारी में अफ्रीका के 42 देशों को 4 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज दीं

सारांश

कोविड-19 महामारी के सबसे कठिन दौर में भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के ज़रिए अफ्रीका के 42 देशों को 4 करोड़ से अधिक मेड-इन-इंडिया वैक्सीन डोज पहुँचाईं — वसुधैव कुटुंबकम की भावना को कूटनीतिक कार्रवाई में बदलकर।

मुख्य बातें

भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान अफ्रीका के 42 देशों को वैक्सीन पहुँचाई गई।
कुल 4 करोड़ से अधिक मेड-इन-इंडिया वैक्सीन डोज वितरित की गईं।
लाभान्वित देशों में बोत्सवाना, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, मिस्र, नाइजीरिया, युगांडा, रवांडा, इथियोपिया और ज़िम्बाब्वे शामिल थे।
यह पहल वसुधैव कुटुंबकम की भावना और इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट की साझेदारी पर आधारित थी।
PM नरेंद्र मोदी ने कहा —

भारत की वैक्सीन मैत्री पहल को एक बार फिर वैश्विक मंच पर सराहा जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट 'इंडियन डिप्लोमेसी' पर शेयर की गई एक विशेष पोस्ट में बताया गया कि कोविड-19 महामारी के सबसे कठिन दौर में भारत ने अफ्रीका के 42 देशों तक मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की 4 करोड़ से अधिक डोज पहुँचाईं। यह पहल वसुधैव कुटुंबकम — 'पूरी दुनिया एक परिवार है' — की भावना पर आधारित थी।

वैक्सीन मैत्री पहल क्या थी

साल 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में थी और वैक्सीन की भारी किल्लत थी, तब भारत ने सबसे पहले मदद के लिए आगे आने वाले देश की भूमिका निभाई। वैक्सीन मैत्री पहल के तहत भारत ने न केवल अपने नागरिकों के टीकाकरण को प्राथमिकता दी, बल्कि साझेदार देशों की ज़रूरतों को भी उतनी ही अहमियत दी।

यह पहल भारत की उस वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी, जो केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय सहयोग और आपसी भरोसे पर टिकी है। गौरतलब है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश है, जिसने इस संकट में अपनी उत्पादन क्षमता को वैश्विक भलाई के लिए उपयोग किया।

किन अफ्रीकी देशों को मिली वैक्सीन

भारत ने अफ्रीका महाद्वीप के 42 देशों को मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की डोज भेजीं। इनमें बोत्सवाना, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, मिस्र, नाइजीरिया, युगांडा, रवांडा, इथियोपिया, ज़िम्बाब्वे और कई अन्य देश शामिल थे। यह वितरण इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट के तहत स्थापित दीर्घकालिक साझेदारी की भावना के अनुरूप था।

वीडियो में दिखाया गया कि यह सहयोग 'एंड्योरिंग पार्टनरशिप-शेयर्ड विज़न' के ढाँचे के अंतर्गत भारत और अफ्रीका के बीच दशकों पुराने संबंधों की मज़बूत कड़ी है।

PM मोदी का संदेश

वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को इस बात पर गर्व और विनम्रता दोनों महसूस होती है कि भारत में बनी वैक्सीन दुनिया भर के देशों तक पहुँच रही है। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी पूरी कहानी उतनी सरल नहीं जितनी दिखती है — क्योंकि बाद में घरेलू वैक्सीन आपूर्ति की कमी को लेकर आलोचनाएँ भी उठी थीं। फिर भी, अफ्रीका के 42 देशों तक 4 करोड़ डोज पहुँचाना एक ठोस और सत्यापन-योग्य उपलब्धि है जो भारत को वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करती है। इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट के ढाँचे में यह पहल दीर्घकालिक संबंध निर्माण की दिशा में एक मज़बूत कदम है। असली परीक्षा यह होगी कि भविष्य के स्वास्थ्य संकटों में भारत इस प्रतिबद्धता को संस्थागत रूप दे पाता है या नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैक्सीन मैत्री पहल क्या है?
वैक्सीन मैत्री भारत की वह कूटनीतिक पहल है जिसके तहत कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने साझेदार देशों को मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की डोज मुफ्त या रियायती दरों पर उपलब्ध कराईं। यह पहल वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर आधारित थी और इसे वैश्विक स्वास्थ्य एकजुटता का प्रतीक माना गया।
भारत ने अफ्रीका के कितने देशों को वैक्सीन दी?
भारत ने अफ्रीका के 42 देशों को मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की 4 करोड़ से अधिक डोज पहुँचाईं। इनमें बोत्सवाना, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, मिस्र, नाइजीरिया, युगांडा, रवांडा, इथियोपिया और ज़िम्बाब्वे प्रमुख रूप से शामिल थे।
वैक्सीन मैत्री और इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट का क्या संबंध है?
वैक्सीन मैत्री पहल इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट के तहत स्थापित दीर्घकालिक साझेदारी की भावना के अनुरूप थी। यह 'एंड्योरिंग पार्टनरशिप-शेयर्ड विज़न' के ढाँचे में भारत-अफ्रीका संबंधों को मज़बूत करने का एक व्यावहारिक कदम था।
PM मोदी ने वैक्सीन मैत्री पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को इस बात पर गर्व और विनम्रता दोनों महसूस होती है कि भारत में बनी वैक्सीन दुनिया भर के देशों तक पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मानवता की मदद भी करना चाहता है।
वैक्सीन मैत्री पहल क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहल महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान भारत को एक ज़िम्मेदार और सहयोगी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। इसने भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति को मज़बूत किया और अफ्रीकी देशों के साथ दीर्घकालिक संबंधों की नींव को और पक्का किया।
राष्ट्र प्रेस
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