वैशाली में ₹55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, असम से राजधानी एक्सप्रेस से लाता था खेप
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले में ऑपरेशन नीलकंठ के तहत पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को 276.83 ग्राम हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब ₹55 लाख आँकी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी असम से रेल मार्ग के जरिए हेरोइन की खेप लाकर वैशाली और आसपास के जिलों में आपूर्ति करता था।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस को बुधवार को एसटीएफ हाजीपुर से सूचना मिली कि असम से हेरोइन की एक बड़ी खेप लेकर एक तस्कर हाजीपुर आने वाला है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सदर-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने हाजीपुर जंक्शन के गेट नंबर दो के पास छापेमारी कर अमरेश कुमार को दबोच लिया।
आरोपी देसरी थाना क्षेत्र के नयागंज सोनर टोली का निवासी है। तलाशी के दौरान उसके पास 276.83 ग्राम हेरोइन के अलावा ₹3,170 नकद, दो मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और एक रेल टिकट भी बरामद किए गए।
पूछताछ में बड़े खुलासे
एसडीपीओ सुबोध कुमार के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने पिछले छह महीनों में चार से पाँच बार असम जाकर हेरोइन लाने की बात स्वीकार की है। वह मुख्य रूप से सिलचर और गुवाहाटी से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए खेप लाता था, ताकि किसी को संदेह न हो।
जाँच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के वित्तीय लेनदेन में उसके कुछ परिजनों की संलिप्तता की आशंका है। इसके अलावा देसरी थाना क्षेत्र के एक कथित बड़े माफिया का नाम भी सामने आया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना की जा चुकी है।
फर्जी आधार कार्ड और पहचान छुपाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, बरामद दो आधार कार्डों में से एक फर्जी निकला। आरोपी इसका इस्तेमाल असम के होटलों में ठहरने के दौरान अपनी असली पहचान छिपाने के लिए करता था। पूछताछ में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले व्यक्ति का नाम भी सामने आया है और पुलिस उसकी भूमिका की जाँच कर रही है।
नेटवर्क की जाँच जारी
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क वैशाली के अलावा आसपास के कई जिलों तक फैला हुआ है। वित्तीय लेनदेन की जाँच के जरिए अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। ऑपरेशन नीलकंठ के तहत छापेमारी जारी है और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार पुलिस राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर रही है। पूर्वोत्तर से बिहार तक रेल मार्ग के जरिए नशे की खेप पहुँचाने के तौर-तरीकों का यह ताज़ा उदाहरण कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।